नारनौल। जिले में शीत लहर कहर बरसा रही है। शीत लहर के साथ धुंध व कड़ाके की ठंड के चलते नारनौल का न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु से एक कदम दूर है। मंगलवार का नारनौल का न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जोकि एक डिग्री तापमान के साथ प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान रहा। जिला में न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। तीन दिन में नारनौल का तापमान न्यूनतम तापमान में 3.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। 25 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस था जो मंगलवार को एक डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। जो इस सीजन का सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है। क्षेत्र को शीत लहर ने अपने शिकंजे में जकड़ रखा है।
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि हिमालय की उत्तरी ठंडी और बर्फीली हवाओं का कहर संपूर्ण मैदानी राज्यों पर दिखाई दे रहा है। कुछ स्थानों पर रात्रि तापमान लुढ़क कर हिमांक बिंदु के पास पहुंच गया है। जिसकी वजह से पाला जमने की स्थिति बनी हुई। मंगलवार को हरियाणा एनसीआर दिल्ली में नारनौल अपने न्यूनतम तापमान 1.0 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सबसे ठंडा रहा। वहीं महेंद्रगढ़ 2.2 डिग्री सेल्सियस तापमान की वजह से प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। जिला में नारनौल के रात्रि का तापमान मात्र 12-13 दिनों में 10.0 डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया है। 14 दिसंबर को नारनौल का न्यूनतम तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मंगलवार को नारनौल के न्यूनतम तापमान में सामान्य तापमान से 5.0 डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज हुई है। जिला महेंद्रगढ़ में सुबह हल्की धुंध और पश्चिमी विक्षोभ के असर से पिछले एक दो दिनों से आंशिक बादलवाही भी देखने को मिल रही है। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में पिछले एक सप्ताह से कोहरा छाया हुआ है। जबकि मंगलवार को जिला महेंद्रगढ़ में केवल नारनौल शहर और नांगल चौधरी में कोहरे की गतिविधियों को केवल सुबह 8 बजे तक ही दर्ज किया गया, परंतु नारनौल शहर से बाहर निकलते ही जबरदस्त कोहरा देखने को मिल रहा है। नारनौल में सुबह से ही चमकदार धूप खिली रहने से जिला में आमजन को कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिली। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में भारतीय मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है और अगले 24 घंटों के दौरान संपूर्ण इलाके में सीवीयर (गंभीर) शीत लहर चलने की चेतावनी जारी की गई है। 28 दिसंबर को एक नया ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम करवट लेने वाला है जिसकी वजह से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में भारी मात्रा हिमपात होने और 29-30 दिसंबर के दौरान मैदानी राज्यों में विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में बादल अपना डेरा जमा लेंगे और सीमित स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी की गतिविधियां दर्ज की जाएगी। जैसे ही मौसम प्रणाली 31 दिसंबर को आगे निकल जाएगी यानी नये साल का स्वागत हाड़ कंपा देने वाली ठंड और ठिठुरन भरी शीत लहर अपने तीखे तेवरों से आगाज करेंगी।
जिले का न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है। इस बीच नौनिहाल सुबह कड़ाके की ठंड में कंपकंपाते हुए स्कूलों में जाने को मजबूर है। जिससे स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है। बच्चों के बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए अभिभावक भी परेशान है। मगर कड़ाके की ठंड को देखते हुए सरकार व प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। न्यूनतम तापमान एक डिग्री पहुंचने के बाद भी सरकार ने स्कूलों की छुट्टी की घोषणा नहीं की है। जिससे नौनिहालों को इस कड़ाके की ठंड में स्कूल जाने को मजबूर है। अभिभावकों ने सरकार व प्रशासन ने बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए जल्द ही स्कूलों की छुट्टी की घोषणा करने की मांग की है।