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एसईपीओ ने किया कोच से दुर्व्यवहार, खिलाड़ियों ने किया रोष

Sun, 13 Nov 2016 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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महेंद्रगढ़। कोच के साथ बस में एसईपीओ द्वारा किए गए दुर्व्यवहार को लेकर गांव खुडाना के खिलाड़ियों ने राव तुलाराम चौक पर खेल प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।  खिलाड़ी राव तुलाराम चौक महेंद्रगढ़ बस से उतरकर गए तथा प्रतियोगिता में जाने से मना कर दिया।  करीब एक घंटे तक खिलाड़ियों को ले जा रही बस खड़ी रही। बस में जिले के अन्य खिलाड़ी भी थे। लेकिन बाद में सूचना पाकर महेंद्रगढ़ के एसईपीओ मोहनलाल मौके पर पहुंचने उन्होंने बीडीपीओ महेंद्रगढ़ निशा तंवर से बात कर आश्वास्त किया, पंचायती खेल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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13 से 15 नवंबर तक रोहतक में होने वाली राज्य स्तरीय पंचायती खेलकूद प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को नारनौल पंचायत भवन में जिले में विजेता रही टीमों को बुलाया गया था। जहां से हरियाणा रोडवेज की दो बसें भरकर रोहतक के लिए रवाना किया गया। मगर बीच रास्ते में नांगल सिरोही के पास खुडाना की हैंडबाल लड़कों एवं लड़कियों की टीम के ग्रामीण कोच अशोक कुमार से बस किराया मांग लिया गया। कोच ने किराया देने से मना कर दिया। उनका कहना था कि वे गांव की टीम के कोच हैं और उन्हें खिलाने के लिए ही उनके साथ जा रहे हैं तो किराया कैसा। यह बातें बस में बैठे खुडाना की हैंडबाल टीम लड़के एवं लड़कियां भी सुन रही थी। महेंद्रगढ़ आते-आते यह विवाद और बढ़ गया है तथा राव तुलाराम चौक पर ही रोडवेज की बस को रुकवाकर कोच एवं खिलाड़ी उतर गए। राव तुलाराम चौक पर खिलाड़ियों ने बस के आगे खड़े होकर पंचायती खेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना मिलने पर वहां पंचायत विभाग की ओर से  महेंद्रगढ़ खंड के एसइपीओ मोहन लाल पहुंचे और कोच एवं खिलाड़ियों से बातचीत  की। उन्होंने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। बाद में कोच का  अपमान कराने वालों से माफी मांगने एवं किराया नहीं लेने का आश्वासन देकर  खिलाड़ियों को शांत किया तथा बस रोहतक के लिए करीब एक बजकर 10 मिनट पर  रवाना हुई।


नहीं दी जाती सुविधा
खिलाड़ियों अनिल, सुमित, जयवीर, यशवंत, जगदेव, बजरंग, रामपाल, योगेश, जितेंद्र, अजय, बिंदू, मनीषा, ज्योति, खुशबू, सुनीता, पायल, पूजा व अनीता आदि का कहना था कि हमारे कोच के साथ अभद्र व्यवहार कर उनका अपमान किया गया है।  उन्होंने आरोप लगाया कि हमें सुबह सात बजे ही पंचायत भवन नारनौल बुला लिया गया और हमें कोई रिफ्रेशमेंट या नाश्ता वगैरा नहीं दिया, खाना खिलाना तो बहुत दूर की बात है। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता के लिए हम खुडाना से तीन बार नारनौल जा चुके हैं, लेकिन एक बार भी किराये के पैसे तक नहीं दिए हैं और न ही रिफ्रेशमेंट दी गई। रिफ्रेशमेंट का पैसा भी न जाने कहां जा रहा है।
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हमें ब्लॉक लेवल के खेलों की ओर से भी विभाग ने कोई सूचना नहीं दी। जिला उपायुक्त के प्रार्थना करने पर जिला स्तर पर वो खेलीं और उन्हें जीत भी मिली। अब उनके कोच के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। - मनीषा

हम अपने कोच का दुर्व्यवहार सहन नहीं करेंगे। हम खेल छोड़ सकते हैं लेकिन कोच को नहीं। क्योंकि उन्हीं के बलबूते पर हमने नेशनल तक का सफर तय किया है।  -बिंदू

जिलास्तर पर आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता का भी 160 रुपये प्रति खिलाड़ी को मिलने वाला टीए, डीए तथा रिफ्रेशमेंट नहीं दिया गया। तब भी वो सर के पॉकेट मनी से ही खेलकर गई थीं।  -अनिता

हम अपने कोच के साथ बदतमिजी सहन नहीं करेंगे, उनके लिए खेल बाद में है पहले मेरे लिए कोच का सम्मान है। --खुशबू

मैं खुडाना की लड़कों एवं लड़कियों की टीम को हैंडबाल की कोचिंग देता हूं। आज जब टीम के साथ रोहतक जा रहा था तो मेरे साथ दुर्व्यवहार किया गया। मेरे द्वारा पैसे नहीं देने पर बस से उतारने की धमकी दी गई। - अशोक माधव, कोच।

 जिले के सभी खिलाड़ियों को प्रात: नौ बजे नारनौल के पंचायत भवन बुलाया गया था। करीब 11 बजे बस आने पर उन्हें रवाना कर दिया गया था। खिलाडियों से या कोच से किराया लेने की बात गलत है। कोच को भी फ्री ही ले जाया ़जाएगा। - कुलदीप सिंह, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, नारनौल।
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