नांगल चौधरी। नांगल में बस स्टेंड न होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव राकेश गुप्ता ने जुलाई महीने में प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक ली थी। इसमें सीएम की विभिन्न घोषणाओं पर अमल के दिशा-निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद नांगल चौधरी बस स्टैंड निर्माण को लेकर विभाग सजग नहीं हो रहा। निर्माण प्रक्रिया कागजों में उलझने का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। वहीं नांगल चौधरी में बस स्टेंड बनाने की घोषणा तीन सीएम कर चुके हैं। इसके बाद भी यहां बस स्टेंड नहीं बनाया जा रहा।
गौरतलब है कि नांगल चौधरी के आसपास करीब 100 गांव हैं। ग्रामीणों को नारनौल, जयपुर, निजामपुर, धोलेड़ा, बहरोड़, बनेठी, रामपुरा पहुंचने के लिए नांगल चौधरी आना पड़ेगा। कस्बे में सुबह करीब 5 बजे ही यात्रियों का पहुंचना शुरू हो जाता है। इनमें महिला, व्यापारी, विद्यार्थियों के अलावा नौकरी पेशे से संबंधित सवारियां होती हैं। इन्हें निर्धारित समय पर गंतव्य तक पहुंचना होता है। अस्थायी बस स्टैंड पर बैठने की व्यवस्था नहीं, यात्रियों को घंटाभर खड़ा रहकर बसों का इंतजार करना करना पड़ता है। चुनावों के दौरान ग्रामीणों की बस अड्डा निर्माण प्रमुख मांग होती है। विभिन्न दलों के प्रत्याशियों ने विजयी होने पर बस स्टैंड निर्माण का आश्वासन दिया। लेकिन राजनीतिक खींचतान तथा कोर्ट केस दायर होने के कारण निर्माण प्रक्रिया आरंभ नहीं हो सकी। करीब तीन साल पहले तत्कालीन सीएम की घोषणा के मुताबिक बहरोड़ रोड़ (बाइपास) पर जमीन अधिग्रहण की गई थी। बस स्टैंड की अधिग्रहित जमीनके फ्रंट पर सहमति नहीं बनने के कारण मालिक ने हाईकोर्ट में केस दायर कर दिया। जिसका निपटारा एक साल पहले हो चुका।
सीएम खट्टर भी कर चुके हैं घोषणा
28 मई 2015 को विकास रैली के दौरान सीएम मनोहरलाल खट्टर द्वारा जल्द निर्माण करवाने की घोषणा की गई। घोषणा के मुताबिक विभाग द्वारा बस स्टैंड निर्माण की प्रक्रिया आरंभ की गई है। तत्कालीन महाप्रबंधक केआर कौशल ने जमीन कब्जे में लेकर उच्चाधिकारियों को तार बाउंड्री, भवन निर्माण टेंडर छोड़ने संबंधित रिपोर्ट भेजी थी। लेकिन विभाग की लचर कार्यशैली के चलते आगे की प्रक्रिया अटकी हुई है। जिससे आमजन सीएम की घोषणा पर सवाल उठाने लगे हैं।
8 कनाल 8 मरले रकबे पर बनेगा अड्डा
बहरोड़ रोड पर राजकीय कालेज के नजदीक बस स्टैंड निर्माण के लिए विभाग द्वारा तीन खसरा नंबरों से 8 कनाल 8 मरला जमीन अधिग्रहण की गई है। तीनों खसरा नंबरों से इक्वायर जमीन की कीमत रोड वैल्यू के अनुसार निर्धारित की गई है। किसान को 5382300 रुपये जमीन की कीमत मिलेगी।
15 साल में पांच बार हो चुकी घोषणा
करीब 15 साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला द्वारा नांगल चौधरी में बस अड्डा बनवाने की घोषणा की गई थी। दूसरी घोषणा 11 साल पहले हुई। तत्कालीन विधायक राधेश्याम शर्मा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री चौ. भूपेंद्रसिंह हुड्डा ने की। इसके बाद तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित रैली के दौरान सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा पांच साल पहले तीसरी बार घोषणा की गई। 6 मई 2012 को बस स्टैंड निर्माण की चौथी बार घोषणा हुई। इसके बाद वर्तमान मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर द्वारा 28 मई 2015 को पांचवीं बार घोषणा की थी।
बाईपास, बस स्टैंड निर्माण अत्यंत जरूरी
ज्ञानीराम बिगोपुरिया ने बताया कि स्टैंड नहीं होने के कारण बसें रोड़ पर खड़ी होती है। जिससे लोगों को यातायात जाम, गर्मी, बारिश आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बस स्टैंड निर्माण के बाद परेशानी नहीं रहेगी।
यात्रियों को मिलेगी मूलभूत सुविधा
समाजसेवी राजेंद्र प्रसाद भुंगारका ने बताया कि बस स्टैंड निर्माण के बाद यात्रियों को टायलेट, पेयजल आदि मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी। जिससे महिला यात्रियों को अधिक राहत मिलेगी। विभाग को जल्द निर्माण प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
-दुर्घटनाओं पर लगेगा अंकुश
युवा क्रांति मंच के प्रधान सोनू तंवर ने बताया कि सवारियों को सड़क मार्ग पर खड़े होकर बसों की प्रतीक्षा करनी पड़ती है। जिससे दुर्घटना की संभावनाएं बढ़ गई। बस स्टैंड निर्माण के बाद यात्री सुविधा पूर्वक कुर्सियों पर बैठकर बसों का इंतजार कर सकेंगे।
बस स्टेंड का निर्माण पिछले साल होना था, मगर बाईपास निर्माण में देरी होने के कारण बस स्टेंड नहीं बन सका। अब विभाग के मंत्री ने नवंबर व दिसंबर में बाईपास के निर्माण का आश्वासन दिया है। इसके तुरंत बाद ही बस स्टेंड का निर्माण शुरू हो जाएगा। -अभय सिंह यादव, एमएलए, नांगल चौधरी