महेंद्रगढ़ के मालड़ा गांव के पास लावन माइनर टूट जाने से ग्रामीणों की 10 से 12 एकड़ खेतों में बोई सरसों की फसल में पानी भर गया जिस कारण बोई गई फसल खराब हो गई। गांव मालड़ा के सरपंच लालचंद ने सिचाई विभाग को फोन कर सूचित किया। समाचार लिखे जाने तक सिचाई विभाग से कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
गांव के सरपंच ने बताया कि लावन माइनर में सायं के समय पानी चल रहा था। अचानक 60 से 72 फीट चौड़ी साइड से टूट गई जिस कारण किसान बीर सिंह, राजेंद्र, किशोरी, सतीश, ओमपाल, मुरारी, आदि की बिजाई की गई फसल जलमग्न हो गई। सरपंच ने बताया कि गांव की यह पुरानी नहर है। पहले भी तीन बार यह नहर टूट चुकी है। यह नहर गांव झगडोली की बड़ी नहर से निकलती है जो अगिहार, पाथेड़ा होती हुई गांव मालड़ा पहुंचती है। मालड़ा गांव में स्थित वाटर सप्लाई का डिग इसी नहर से भरा जाता है। इस डिग से तीन गांवों को पेयजल सप्लाई दी जाती है। नहर के टूटने से ग्रामीणों की फसल न केवल खराब हो गई बल्कि ग्रामीणों को तीन चार दिन तक पेयजल की सप्लाई से भी वंचित रहना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि उनकी खराब हुई फसल का उन्हें उचित मुआवजा दे।