नारनौल। नारनौल में शनिवार शाम भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इसका केंद्र डूलाना के पास सलीमाबाद गांव में रहा। भूकंप की तीव्रता 2.8 रही। केंद्र धरती के अंदर 5 किलोमीटर की गहराई में था।
भूकंप से कोई हानि नहीं हुई। यदि रिएक्टर स्केल पर तीव्रता 6 या इससे अधिक होती तो बहुत जनधन हानि हो सकती थी। विज्ञान मंच के जिला संयोजक धर्मपाल शर्मा ने बताया कि नारनौल भूकंप के खतरनाक जोन आता है। भूकंप का आना तो रोक नहीं सकते हैं। आपदा के स्वरूप को पहचान कर जागरूक जरूर किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आग बुझाने का यंत्र घर और कार्यालय में होना चाहिए, ताकि आग लगने की दशा में उस पर नियंत्रण कर सके। सेल से चलने वाला रेडियो अवश्य रखें, क्योंकि भूकंप के समय अन्य संचार माध्यम ध्वस्त हो जाते हैं। कम से कम तीन चार लीटर पीने का पानी प्रत्येक व्यक्ति के लिए उपलब्ध होना चाहिए।
कम से कम तीन दिन का आवश्यकता अनुसार पौष्टिक एवं खराब न होने वाली खाद्य पदार्थ का भंडारण जरूर होना चाहिए। प्रथम उपचार किट जिसमें आधारभूत दवाइयां जरूर अपने घर में रखें। उन्हाेंने कहा कि दिल्ली और आसपास के इलाकों को भू वैज्ञानिकों ने जोन चार में रखा है। इस क्षेत्र में 7.9 तीव्रता तक का भूकंप आ सकता है, जिसमें जन धन की बहुत अधिक हानि हो सकती है। संवाद