बाजरा खरीद को लेकर बुधवार को नारनौल नई अनाज मंडी के बाहर जाम की स्थिति बनी रही, क्योंकि एक साथ सैकड़ों की संख्या में किसान वाहनों के साथ मंडी में पहुंच गए। वहीं नांगल चौधरी मंडी में खरीद शुरू नहीं होने पर गुस्साए किसानों ने नारनौल-जयपुर हाईवे जाम कर दिया। इसके चलते सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें लग गई।
वहीं नारनौल अनाज मंडी में कुछ किसान बिना गेट पास लिए ही मंडी के अंदर खरीद का टोकन लेने पहुंचने पर अन्य किसानों ने हंगामा कर दिया। हंगामे व जाम की सूचना के बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और किसानों को व्यवस्थित तरीके से लाइनों में लगाकर खरीद प्रक्रिया शुरू करवाई। वहीं सड़क पर खड़े वाहनों को सही करवाकर मार्ग पर आवागमन शुरू करवाया।
जिले की नारनौल, अटेली व कनीना मंडी में आढ़तियों के माध्यम से बाजरे की खरीद पिछले 20-25 दिन से जारी है। अब तक आढ़तियों द्वारा 30 हजार क्विंटल से अधिक बाजरे की खरीद की जा चुकी है, लेकिन अब सरकार के आदेशानुसार हैफेड द्वारा मंडियों में खरीद शुरू की है। हैफेड द्वारा खरीद शुरू करने के बाद मंडियों में अचानक से आवक बढ़ गई है।
बुधवार को नारनौल, नांगल चौधरी व अटेली मंडी की अनाज मंडियों में सैकड़ों की संख्या में किसान अपने वाहनों के साथ पहुंच गए। जिसके चलते मंडियों के बाहर सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रही। वहीं अंदर भी स्थिति बेकाबू बन गई। इस कारण अधिकारियों द्वारा पुलिस को बुलाना पड़ा। पुलिस के पहुंचने बाद मंडियों में व्यवस्था बनी।
जाम के चलते वाहनों चालकों को हुई परेशानी
नांगल चौधरी रोड स्थित नई अनाज मंडी नारनौल में बाजरे की खरीद हो रही है। इसके चलते किसान अपने बाजरे को ट्रैक्टर और पिकअप की सहायता से मंडी में लेकर पहुंच रहे हैं, मगर किसानों को मंडी के अंदर वाहन ले जाने के लिए गेट पास लेना होता है। उसके बाद ही किसान का वाहन मंडी में प्रवेश कर सकता है, लेकिन गेट पास मिलने तक किसान अपने वाहनों को मंडी के बाहर सड़क पर ही खड़ा रखते हैं, जिससे जाम की स्थिति बन जाती है। प्रशासन व पुलिस को कोई व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि वाहनों को लंबे समय तक सड़क पर खड़ा रहना पड़े।
गांवों के अनुसार शेडूयल अनुसार की जाए खरीद
मंडी में अव्यवस्था के चलते किसानों को खरीद के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों ने कहा कि प्रशासन को गांवों के शेड्यूल जारी कर किसानों को मंडी में बुलाना चाहिए। बुधवार को सैकड़ों की संख्या में किसान मंडियों में पहुंच गए। इस कारण मंडी में अव्यवस्था बन गई। वहीं गेट पास व टोकन लेने में किसानों को 2-3 घंटे का इंतजार करना पड़ा।
हैफेड के खरीद शुरू करते ही मंडियों में बढ़ने लगी भीड़
सरकार के निर्देशानुसार हैफेड द्वारा जैसे ही जिले की मंडियों में खरीद शुरू की है। वैसे मंडियों में किसानों को भीड़ बढ़ने लगी हैं, क्योंकि आढ़ती किसानों से 1900 से 2000 प्रति क्विंटल के हिसाब से बाजरे की खरीद कर रहे हैं। इससे किसानों को 500-600 रुपये का नुकसान प्रति क्विंटल उठाना पड़ रहा है। जबकि बाजरे का सरकारी समर्थन मूल्य 2500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। वहीं हैफेड 2200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीद कर रही है। इसमें 300 रुपये किसानों को भावांतर भरपाई योजना के तहत दिए जाएंगे।
खरीद शुरू नहीं होने पर नांगल चौधरी में किसानों ने लगाया जाम
हैफेड द्वारा बाजरे की खरीद की सूचना मिलते ही किसान सुबह 5 बजे ही नांगल चौधरी अनाज मंडी के बाहर अपने वाहनों के साथ मंडी गेट के दोनों तरफ लाइन लगाकर खड़े हो गए, मगर मार्केट कमेटी के कर्मचारियों द्वारा 10 बजे के बाद ही गेट पास देने के उपरांत ही वाहनों को अंदर प्रवेश की अनुमति दी गई।
गेट पास में देरी व दोपहर तक खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं मिलने से गुस्साए किसानों ने नारनौल-जयपुर राजमार्ग के बीचों-बीच बैठकर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस व मार्केट कमेटी कर्मचारी मौके पर पहुंचे और किसानों को जल्द खरीद प्रक्रिया का शुरू करने का आश्वासन देते हुए अपनी-अपनी ढेरी के पास पहुंचने की बात कही। इसके बाद किसानों जाम को खोल दिया।
नांगल चौधरी मंडी में खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से कर दी गई है। बुधवार को लगभग 150 किसानों का बाजरा खरीदा गया। सुबह गेट पास में देरी के कारण किसानों ने रोड जाम किया था। मगर अब खरीद शांतिपूर्ण ढंग से जारी है।
-सुनील कुमार, प्रशासक, हैफेड, नारनौल।
हैफेड द्वारा जिले की मंडियों में सुचारु रूप से बाजरे की खरीद की जा रही है। हैफेड के खरीद शुरू करने के बाद मंडियों में लगातार आवक बढ़ रही है। मंगलवार को जिले की विभिन्न मंडियों से करीब 3389 मीट्रिक टन बाजरे की खरीद की गई, जबकि बुधवार को देर सायं तक मंडियों में खरीद जारी रही।
-नीरज त्यागी, महाप्रबंधक, हैफेड, नारनौल।