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Narnaul: हत्या मामले के दोषियों को नारनौल न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा, दो लाख का लगाया जुर्माना

Fri, 19 Jan 2024 06:58 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)

सार

मामले में सतनाली पुलिस ने वर्ष 2020 में अभियोग पंजीबद्ध किया था। मामले की सुनवाई नारनौल न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान उप जिला न्यायवादी भारत भूषण दहिया ने मामले में अभियोजन के पक्ष में प्रभावशाली पैरवी करते हुए न्यायाधीश के सम्मुख दलीलें पेश करते हुए दोषियों को सजा दिलाने में भूमिका निभाई।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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नारनौल में जमीनी विवाद को लेकर हत्या करने के मामले में अमनदीप दीवान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नारनौल की कोर्ट ने दोषियों को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई व जुर्माना लगाया है। न्यायालय ने दोषी रामपाल उर्फ पाला और रामा देवी को धारा 302 व धारा 34 भारतीय दंड संहिता में कठोर आजीवन कारावास की सजा व 2,00,000/- का जुर्माना लगाया है।

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जुर्माने की राशि मृतक की पत्नी को दी जाएगी। इस मामले में सतनाली पुलिस ने वर्ष 2020 में अभियोग पंजीबद्ध किया था। मामले की सुनवाई नारनौल न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान उप जिला न्यायवादी भारत भूषण दहिया ने मामले में अभियोजन के पक्ष में प्रभावशाली पैरवी करते हुए न्यायाधीश के सम्मुख दलीलें पेश करते हुए दोषियों को सजा दिलाने में भूमिका निभाई। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मामले को बहुत ही संगीन माना और दोषियों की सजा में कोई नरमी नहीं बरती।

2020 में सतनाली थाने में दर्ज किया गया था मामला
मामले के अनुसार वर्ष 2020 में गांव डिगरोता निवासी बीना देवी ने सतनाली थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें उसने पुलिस को बताया कि 18 अक्तूबर 2020 की सुबह खेत में उसके पति व उसके जेठ की कहासुनी हो गई थी। शाम के समय उसका पति सोनू उर्फ सोहन गांव वाले घर से खाद लेने गया था। इस दौरान उसके जेठ के परिवार ने मिलकर उसके पति को पत्थर, डंडे व कुल्हाड़ी से चोटें मारी।
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बीच बचाव करने के बाद सोनू उर्फ सोहन को अस्पताल ले गए, जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद पुलिस द्वारा बिना किसी विलंब के अभियोग अंकित किया गया। जांच इकाई के द्वारा महत्वपूर्ण साक्ष्यों का आंकलन कर अभियोग में प्रभावी कार्यवाही करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के सम्मुख पेश किया गया था। न्यायालय में सुनवाई के दौरान उप जिला न्यायवादी भारत भूषण दहिया ने मामले में अभियोजन के पक्ष में पैरवी करते हुए न्यायाधीश के सम्मुख दलीलें पेश करते हुए दोषियों को सजा दिलाने में भूमिका निभाई।

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