आरक्षण की मांग को लेकर जाटों का आंदोलन रविवार को नांगल चौधरी में शुरू हो गया। प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद नांगल चौधरी कस्बे में बहरोड़ रोड पर सुबह धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार आंदोलनकारी सुबह से धरना स्थल पर जुटना शुरू हो गए थे। पुलिस की तरफ से कोई फोर्स धरनास्थल पर तैनात नहीं की गई थी। केवल पुलिस के जवान गश्त करते नजर आए।
नांगल चौधरी में जाट आरक्षण समिति के राष्ट्रीय सचिव हजारीलाल लंबोरा और जिला प्रधान कंवर सिंह की अध्यक्षता में धरना आरंभ हुआ। जाट नेताओं ने भाईचारा और शांति व्यवस्था कायम रखने की बात दोहराई। जाट नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा जाट बिरादरी के निर्धारित आरक्षण पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इससे नाराज जाट नेताओं ने सरकार पर लचर पैरवी के आरोप लगाए। जाट नेताओं ने कहा कि आरक्षण पर विशेष जातियों का अधिकार नहीं है। जाटों को हक मिलना चाहिए। इसको लेकर पिछले महीने विभिन्न खापों की बैठक हुई थी। बैठक में 29 जनवरी को शांति पूर्वक धरना आरंभ करने का निर्णय लिया गया। गत वर्ष जाट आरक्षण आंदोलन की आंच जिले में देरी से पहुंची थी। गत वर्ष गहली, निजामपुर व सतनाली क्षेत्र में जाटों द्वारा जाम लगाने की घटनाएं हुई थी। हालांकि कहीं भी कोई तोड़फोड़ की घटना नहीं थी। गहली में जाटों ने पेड़ों को काटकर जाम लगाया था। अल्टीमेटम मिलने पर सरकार द्वारा मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवा दी। लेकिन इस पर जाट बिरादरी असंतुष्ट नहीं हुई और 29 जनवरी से धरन की घोषणा कर दी।
प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद शुरू हुआ धरना
प्रशासनिक अनुमति मिलने के बाद सुबह करीब 10 बजे के बाद नांगल चौधरी में जिला स्तरीय धरना आरंभ हुआ। धरना स्थल पहुंचे लोगों ने फर्श व दरी बिछाई। इसके बाद उन्होंने अन्य नेताओं से संपर्क किया। उन्होंने जाट एकता और आरक्षण में भेदभाव करने का आरोप लगाकर नारेबाजी की। इसके बाद चार बजे घर रवाना हो गए। जाट आरक्षण समिति के राष्ट्रीय सचिव हजारीलाल लंबोरा और जिला प्रधान कंवर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में रात्रि ठहराव को लेकर विचार किया गया। किंतु सहमति नहीं बनने के कारण सुबह 10 से शाम चार बजे तक धरने पर रहने का निर्णय हुआ। धरने में भाईचारा और कानून व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
पुलिस रही अलर्ट
विभागीय निर्देशानुसार स्थानीय पुलिस अलर्ट रही। उधर जिला मुख्यालय पर अतिरिक्त फोर्स रिजर्व रखी गई ताकि स्थिति को तुरंत काबू किया जा सके। आरक्षण को लेकर जाटों द्वारा दिए जा रहे धरने में इनेलो नेताओं की संख्या अधिक दिखाई दी। धरने में कांग्रेस और भाजपा नेता नजर नहीं आए। अधिकतर इनेलो से जुड़े कार्यकर्ता थे। धरना स्थल के आसपास पुलिस केवल गश्त लगाती रही। धरना स्थल पर किसी भी प्रकार की पुलिस की तैनाती नहीं देखी गई।
कोट
शांति पूर्वक आंदोलन पर रोक नहीं है। कानून व्यवस्था किसी भी सूरत में बिगड़ने नहीं दी जाएगी। विभिन्न गतिविधियों पर पुलिस पैनी नजर रख रही है। अशांति फैलाने की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। - शफीउद्दीन, एसएचओ, नांगल चौधरी