प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए गए खुले में शौच मुक्त भारत अभियान को नगरपालिका महेंद्रगढ़ विफल करने को तुली हुई है। शहर के मुख्य बाजारों में सार्वजनिक शौचालय नहीं होने के कारण व्यापारियों और ग्राहकों को खुले में शौच जाना पड़ता है। इसके अलावा शहर में जो शौचालय बनाए गए हैं उनकी रुटीन में सफाई भी नहीं हो रही है। शौचालयों में इतनी गंदगी एवं बदबू रहती है कि वहां व्यक्ति खड़ा रहकर शौच नहीं कर सकता। पालिका प्रशासन से व्यापारी विभिन्न बाजारों में शौचालय बनवाने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन प्रशासन उन पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। यहां तक की 5 करोड़ रुपये के बजट में भी पालिका प्रशासन ने बाजार में शौचालय बनवाने के लिए कोई प्रावधान नहीं बनाया। इससे पूर्व पालिका ने कुछ महीनों पर घोषण की थी कि शहर में 8 वीआईपी टॉयलेट बनाए जाएंगे उन पर भी अभी कार्रवाई नहीं हुई है।
इन बाजारों में हैं आवश्यकता
शहर के अनेकों बाजार ऐसे हैं जहां टायलेट की सुविधा नहीं हैं। दुकानदार को शौच के लिए गली कूचों में जाना पड़ता है। शहर के बास स्कूल से मसानी चौक तक लगभग 1 से डेढ़ किलोमीटर में कोई सार्वजनिक शौचलाय नहीं है। शहर का दिल कहे जाने वाला आजाद चौक पर भी शौचालय की व्यवस्था नहीं हैं। इसके अलावा सर्राफा बाजार, मां शेरावाली मंदिर, शंकर मार्केट, सिनेमा रोड, शॉपिंग कॉम्पलेक्स, अंग्रसेन चौक, ब्रहमदेव चौक, आईटीआई रोड, तुलाराम चौक, बस स्टैंड के बाहर कहीं भी शौचालय नहीं हैं जिस कारण ग्राहक एवं व्यापारियों को परेशानी उठानी पड़ती है।
शहर में मात्र सात सार्वजनिक शौचालय
महेंद्रगढ़ बाजार में छोटे बड़े 2 हजार दुकानदार हैं। इन दुकानों पर हर रोज 10 हजार से अधिक ग्राहक खरीदारी के लिए आते हैं। ये ग्राहक शहर के अलावा आसपास के गांवों से आते हैं और जिनमें हजारों महिलाएं भी खरीदारी के लिए आती हैं। शहर के मुख्य बाजारों में शौचालय नहीं होने के कारण सबसे अधिक रेशानी महिलाओं को उठानी पड़ती है। शहर में मात्र सात शौचालय बनाए गए हैं जिनमें से अधिकतर बाजार से हट कर बनाए गए हैं।
शॉपिंग कॉम्पलेक्स के व्यापारी हैं परेशान:
शौचालय की कमी के कारण सबसे अधिक परेशानी शॉपिंग कॉम्पलेक्स के व्यापारियों को हो रही है। पालिका द्वारा 20 वर्ष पहले कॉम्पलेक्स में तीन फेज में 300 से अधिक दुकानें बनाई गई थीं। पालिका ने उस समय एक भी शौचालय कॉम्पलेक्स में नहीं बनवाया और आज भी ये दुकानदार शौचालय के अभाव में परेशान हैं। जबकि दुकानदार पालिका को समय पर किराया देते हैं और सर्विस टैक्स भी देते हैं।
शौचालयों में गंदगी का अंबार
नगर में विभिन्न स्थानों पर लगभग पालिका ने 7 सार्वजनिक शौचालय बनाए हैं। ये शौचालय गंदगी से अटे पड़े रहते हैं। शौचालयों में शराब आदि के अधा, पव्वा पड़े रहते हैं। शौचालयों की सफाई नहीं होने से इतनी दुर्गंध आती है कि वहां व्यक्ति खड़ा रहकर पेशाब नहीं कर सकता। पालिका के पास कर्मचारी होने के बावजूद इनकी सफाई नहीं करवाती।
बाक्स:
सुलभ शौचालय का भी अभाव
नगर में शुल्क सुलभ शौचालयों का भी अभाव है। शहर में ऐसा कोई वीआईपी सुलभ शौचालय नहीं है जहां पर आमजन को पूरी सुविधा मिले सके। शहर की सब्जी मंडी, सब्जी मंडी के पीछे तथा अनाज मंडी में सुलभ शौचालय हैं लेकिनउनमें कभी सफाई नहीं की जाती है। जिस कारण जनता उनमें जाने बजाय बाहर किसी खुले में शौच के लिए जाते हैं।
------------------------
आजाद चौक पर एक भी शौचालय नहीं हैं। शौचालय के अभाव में हमें शौच गली कूंचों में जाना पड़ता है। बाजार में शौचालय नितांत आवश्यक है। पालिका को व्यापारियों के लिए ये सुविधाएं अवश्य प्रदान करवानी चाहिए ताकि दुकानदार एवं ग्राहक को परेशानी न हो।- रामकिशन
शौचालय कॉम्पलेक्स के व्यापारियों की प्राथमिक मांग हैं। यह मांग व्यापारी लंबे समय से करते आ रहे हैं लेकिन पालिका प्रशासन हमारी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। -लालचंद शर्मा
विश्वकर्मा चौक पर पालिका की ओर से कोई शौचालय नहीं बनाया गया है। शौचालय के अभाव में व्यापारियों को दूर जाकर शौच करके आना पड़ता है। पालिका को चाहिए नगर के व्यापारियों को मूलभूत सुविधाएं प्रधान करें।--प्रवीण दीवान
पालिका प्रशासन जल्द ही अंबेडकर चौक पर बड़ा शौचालय बनाएगा। इन शौचालयों में पुरुष, महिला एवं विकलांगों के लिए अलग से व्यवस्था होगी। अगर दुकानदार पालिका प्रशासन को शौचालय के लिए निर्धारित स्थान बता दें तो प्रशसन वहां शौचालय बनवा देगी।--रीना गर्ग, चेयरपर्सन-नगरपालिका महेंद्रगढ़