कनीना। कान्हा सिंह राजकीय महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की ओर से आयोजित सात दिवसीय शिविर के दूसरे दिन विद्यार्थियों को बाल विवाह निषेध और जल संरक्षण को लेकर प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अजय प्रकाश, डॉ. आशा, जिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा व जनशक्ति विकास संगठन के अध्यक्ष दीपक कुमार मौजूद रहे। स
रिता शर्मा ने बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शारीरिक एवं मानसिक हानि की से जानकारी दी। बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बना देता है।
जनशक्ति विकास संगठन के अध्यक्ष दीपक कुमार ने कहा कि जल जीवन का आधार है व इसके संरक्षण के बिना सतत विकास संभव नहीं है। उन्होंने वर्षा जल संचयन, जल के विवेकपूर्ण उपयोग, जल स्रोतों की स्वच्छता व भू-जल स्तर बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।
अध्यक्षता पूर्व एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संदीप कुमार ककरालिया ने की। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उन्हें समाज के प्रति संवेदनशील बनाते हैं।
इस दौरान महाविद्यालय के डॉ. बलराज, डॉ. यतेंद्र, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. प्रियंका, डॉ. सुनीता, कांस्टेबल रोहित सहित अन्य प्राध्यापकगण एवं एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे।