नारनौल। जिले में संचालित 50 से अधिक कोचिंग संस्थानों में से सिर्फ एक संस्थान के पास ही फायर एनओसी है। अग्निशमन विभाग अब कोचिंग संस्थानों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की तैयारी में है। मंगलवार को संवाद की टीम चार कोचिंग संस्थानों में पहुंची। पड़ताल में एक कोचिंग संस्थान में अग्निशमन यंत्र लगे हुए नहीं थे जबकि अन्य में लगे मिले।
जिले में चल रहे कोचिंग सेंटरों में रोजाना सैकड़ों विद्यार्थी पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। इसके बाद भी अधिकांश संस्थानों ने फायर एनओसी नहीं ली है। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
विभाग ने हाल ही में होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों में फायर सुरक्षा मानकों की जांच अभियान शुरू किया हुआ है। बीते 10 दिनों के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले 25 होटल एवं प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अब इसी कड़ी में कोचिंग संस्थानों की जांच भी की जाएगी।
जिन काेचिंग संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशमन उपकरण तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा प्रबंध नहीं पाए जाएंगे, उन्हें नोटिस जारी कर निर्धारित समय में कमियां दूर करने के निर्देश दिए जाएंगे। नियमों की लगातार अवहेलना करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फायर नॉर्म्स केवल औपचारिकता नहीं बल्कि विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। आगजनी जैसी किसी भी घटना के दौरान जान-माल की हानि को कम करने के लिए सभी संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है।
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कोचिंग सेंटर में फायर एनओसी को लेकर सभी मापदंडों को पूरा किया जाना चाहिए। अगर कहीं पर आगजनी जैसी घटना होती है तुरंत काबू पाया जा सके।-करण सिंह, बापडोली।
शहरों में बेहतर कोचिंग के लिए बच्चे पढ़ने जाते हैं। उन संस्थानों में सुरक्षा को लेकर सभी मानक भी पूरे होने चाहिए ताकि भय मुक्त रह कर छात्र पढ़ाई कर सके।-राजाराम, चिंडालिया।
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वर्जन:
जिले में 10 दिन में करीब 25 होटल व अन्य प्रतिष्ठानों में फायर एनओसी नहीं होने पर नोटिस दिया जा चुका है। अब कोचिंग सेंटर को लेकर भी अभियान चलाया जाएगा। -राजबीर सिंह, दमकल अधिकारी नारनौल।