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मानसून की बारिश शुरू, वन विभाग की तैयारियां शून्य

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नारनौल। सरकार वन लगाओ पर्यावरण बचाओ का नारा जोर शोर से लगा रही है। मगर जिले में हकीकत में स्थिति कुछ और ही है। विभाग ने इस सीजन में तीन लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। मगर अभी तक न तो पौधे लगाने के टेंडर पूरे हुए हैं और न पौधरोपण के लिए गड्डे खोदे गए हैं। हालांकि विभाग का दावा है कि उन्होंने सारी प्रक्रियाएं तय समयानुसार शुरू कर दी हैं।
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अधिक से अधिक पौधरोपण हो इसके लिए वन विभाग के अलावा पंचायतों, सरकारी संस्थानों व स्कूलों को जिम्मेदारी सौंपने के दावे विभाग की ओर से किए गए हैं। मगर ऐसा अभी तक कुछ नजर नहीं आ रहा है। पौधरोपण के लिए वन विभाग ने अभी तक टेंडर प्रक्रिया भी पूरी नहीं की है। अब तक विभाग ने केवल दो ही टेंडर छोड़े हैं। जिले में 6 नर्सरियों में लगभग 12 लाख पौध तैयार की गई है। ऐसे में जिले को हरा भरा करने के लिए वन विभाग के अधिकारी कछुआ गति से चल रहे। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की बारिश शुरू हो चुकी है। पौधरोपण के लिए अभी तक वन विभाग ने दो ही टेंडर छोड़े है, बाकी बचे हुए टेंडर 6 जुलाई तक छोड़े जाएंगे। मानसून की बारिश शुरू होने से पहले पौधरोपण के लिए पहले खाली जगहों पर पहले गड्डे खुदवाए जाते हैं। लेकिन जब धरातल पर दावों को देखा गया तो ऐसे कुछ नहीं मिला।
-60 हजार गड्ढे खोदे जाएंगे
विभाग की 6 नर्सरियों में लगभग 12 लाख पौध तैयार की गई है। जिले में सिहमा, लहरोदा, कृष्णावती, भूंगारका, महेंद्रगढ़, झगड़ोली व धनूंदा की नर्सरी में नीम, पापड़ी, कीकर समेत कई पौध तैयार की गई है। विभाग के अनुसार जैसे ही टेंडर का कार्य पूरा होगा उसी समय इन पौधों को सभी जगह भेज दिया जाएगा।
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जिले को हरा भरा करने के लिए वन विभाग ने पौधे बांटने शुरू कर दिये है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी। दो टेंडर अभी छोड़े जा चुके है। जिस पर गड्ढे खोदने का कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं पौधरोपण के लिए विभाग ने पौधे बांटने शुरू कर दिए हैं।
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-रजनीश यादव, वन रेंजर अधिकारी
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