विमुद्रीकरण के बाद 12 वें दिन सोमवार को अनेक बैंकों में कैश नहीं पहुंचा। जिन बैंकों में कैश था, वहां उपभोक्ताओं की भारी भीड़ लगी रही। वहीं अनेक बैंकों में दोपहर बाद कैश आया। जिसके बाद उपभोक्ताओं ने थोड़ी राहत की सांस ली। एटीएम सेवाएं भी अभी पूर्ण रूप से शुरू नहीं हो पाई हैं। सोमवार को शहर के तीन-चार एटीएम ही चले। जहां पर उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। इससे लोगों की परेशानियां 12 वें दिन भी कम नहीं हो पाईं। रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को बैंक खुले। एक दिन अवकाश के बाद लोगों को लगा कि सोमवार होने के कारण उनको कैश आसानी से मिल जाएगा, मगर सोमवार सुबह 11 बजे तक शहर के अधिकांश बैंकों में कैश ही नहीं पहुंचा। जिसके कारण बैंकों में कैश निकलवाने आए लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद कुछ एक बैंकों में कैश आया। जिसके बाद ही लोगों को फौरी तौर पर राहत मिल पाई।
दो-तीन एटीएम ही चले, लगी लाइनें
सोमवार को बैंकों में कैश नहीं आने के साथ-साथ एटीएम भी खाली ही रहे। शहर के केवल दो या तीन एटीएम ही चल पाए। इनमें मंडी स्थित स्टेट बैंक आफ पटियाला का एटीएम, रेवाड़ी रोड स्थित स्टेट बैंक आफ इंडिया व एचडीएफसी बैंक के एटीएम में पैसे डाले गए। जहां पर लोगों की लंबी कतारें सोमवार को भी देखी गई।
बड़े बैंकों में भी नहीं पहुंचा कैश
सोमवार को बैंकों का दौरा किया गया तो पाया कि पंजाब नेशनल बैंक जैसे बड़े बैंकों में पैसा नहीं आया। इसके अलावा अन्य छोटे बैंकों में भी कैश नहीं पहुंच पाया। सोमवार को सबसे ज्यादा कैश ओबीसी की महेंद्रगढ़ रोड वाली ब्रांच में आया। यहां करीब 60 से 65 लाख रुपये कैश वितरित किए गए। वहीं एचडीएफसी में करीब 15 लाख, पटियाला बैंक में करीब नौ लाख रुपये लोगों को वितरित किए गए।
जमा कराने वालों की लगी रही लाइन
बैंकों में कैश कम होने के कारण सोमवार को अपना पैसा जमा कराने वाले लोगों की लाइनें बैंकों के बाहर लगी रही। लोगों ने विभिन्न बैंकों में अपना पैसा जमा कराया।
काम छोड़कर सोमवार को कैश निकलवाने के लिए गया था, मगर कैश नहीं मिल पाया। इससे काफी परेशानी हो रही है। अब मंगलवार को फिर लाइन में लगना होगा। -सतपाल
एटीएम नहीं चलने के कारण काफी परेशानी हो रही है। एक-आध एटीएम चल रहे हैं जहां काफी लंबी-लंबी लाइन है। -गोपाल सैन
बैंकों में अभी भी लाइन की कोई कमी नहीं हुई है। पैसे निकलवाने के लिए काफी परेशानी हो रही है। उन्हें केवल दो हजार रुपये ही कैश मिले। -हनुमान
अभी 500 के नोट नहीं आए हैं। इसके कारण काफी परेशानी हो रही है। 2 हजार रुपये कैश दिए जा रहे हैं, वो भी एक नोट, ऐसे में उसको छुट्टे करवाने के लिए भी दिक्कत आ रही है। -ओमप्रकाश
सोमवार को दोपहर तक कई बैंकों में कैश नहीं आया। इससे थोड़ी परेशानी जरूर हुई, मगर दोपहर बाद कई बैंकों में कैश पहुंच गया था। मंगलवार को ऐसी दिक्कत नहीं रहेगी।
-एसडी पाठक, लीड बैंक मैनेजर
अपनी शादी के कैश के लिए बैंक पहुंची युवती
महेंद्रगढ़। अपनी शादी के लिए कैश निकलवाने के लिए सोमवार को एक युवती अपने पिता के साथ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में कैश पहुंची। उसके पिता महेंद्र सिंह सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त हैं। 25 नवंबर की युवती की शादी है जबकि 23 नवंबर को लगन जाना है। रिटायर्ड सैनिक की बेटी अपने पिता के साथ सुबह ही बैंक में आकर कतार में खड़ी हो गई थी। करीब चार घंटे इंतजार करने के बाद उन्हें 20 हजार रुपये ही मिल पाए। इसके अलावा उन्होंने मैनेजर से 2.50 लाख रुपये की मांग ओर रखी। उस दौरान बैंक में कैश का अभाव होने के कारण मैनेजर वेदप्रकाश ने उसके पिता महेंद्र सिंह को 23 नवंबर का समय दिया है। 23 नवंबर को ही लड़की की लगन जाना है। महेंद्र सिंह ने बताया कि कैश के अभाव में उन्हें बहुत परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। शादी के लिए उन्होंने बैंक से लोन भी अप्लाई किया था और उनका लोन पास भी हो गया था लेकिन बीच में ही 1000 और 500 के नोट बंद होने के कारण सारा मामला गड़बड़ हो गया।