नारनौल। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में मोबाइल वैन के माध्यम से पीने के पानी के सैंपल लेकर मौके पर ही उसकी जांच की जा रही है। इसी कड़ी में जुलाई में जिला महेंद्रगढ़ में एक महीने तक जिले के विभिन्न गांवों में पीने के पानी के सैंपल की जांच की जाएगी।
यह जानकारी देते हुए जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता विजेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि मुख्यालय द्वारा पीने के पानी की केमिकल जांच व आम जनता को पानी की शुद्धता के प्रति सजग करने के लिए मोबाइल लैब गांव-गांव जाकर सैंपल लेकर मौके पर ही उसकी गुणवत्ता की जांच करेगी। पिछले साल भी जुलाई माह में पीने के पानी के स्रोतों की केमिकल जांच की गई थी। मोबाइल लैब में एक केमिस्ट सन्नी कुमार, साहिल परूथी साथ होंगे। वहीं संबंधित उपमंडल अभियंता, कनिष्ठ अभियंता व जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन की टीम केमिकल जांच के लिए समन्वय स्थापित करेंगे। साथ ही अन्य आईईसी गतिविधियों के लिए वॉसो का स्टाफ जिसमें बीआरसी अपने संबंधित ग्राम पंचायत में ग्राम जल एवं सीवरेज समिति सदस्यों, महिलाओं व सभी आमजन को पीने के पानी के प्रति जागरूक करेंगे। उन्होंने बताया कि यह लैब 30 जुलाई तक जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों का दौरा कर जांच करेगी। हुड्डा ने कहा कि पानी जीवन का आधार है इसकी गुणवत्ता बनाये रखना हमारा कर्तव्य है। पानी की दो प्रकार की जांच होती है। एक केमिकल व दूसरी जीवाणु परीक्षण। मोबाइल लैब से केमिकल जांच करके पानी की गुणवत्ता परखी जाएगी। ताकि ये पता लगाया जा सके कि पीने के पानी के स्रोत है वो मानकों पर कितने खरे हैं। इस मौके पर कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार, कार्यकारी अभियंता सूर्यकांत, जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा, उपमंडल अभियंता विकास धनखड़, अमित जैन, कैमिस्ट चंद्र प्रकाश, बीआरसी अनिता व पूजा रानी उपस्थित रहे।
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एक दिन में 7 ग्राम पंचायतों की होगी पानी की जांच
जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने बताया कि वाटर टेस्टिंग मोबाइल लैब एक दिन में 7 ग्राम पंचायतों का विजिट करेगी। एक ग्राम पंचायत से एक ही सैंपल लिया जाएगा। इसके परिणाम को भारत सरकार व विभाग की वेबसाइट पर भी अपडेट किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक दिन का रोड मैप भी बना लिया गया है। प्राथमिकता पर उन ग्राम पंचायतों को लिया गया है जिनकी प्री मानसून केमिकल जांच अभी बाकी है। सोमवार से मोबाइल लैब गांव-गांव जाकर पाने के पानी की जांच करेगी। सबसे पहले खंड महेंद्रगढ़ की ग्राम पंचायतों के सैंपल जांचे जाएंगे। 4 जुलाई को मोबाइल लैब पहाड़वास, खातोद, खातोदड़ा, कुराहवटा, मांडोला, जेरपुर व उष्मापुर का दौरा करेगी।