कनीना में निरीक्षण करते उपायुक्त जगदीश शर्मा और एसडीएम रणबीर सिंह।
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जिले की सीमाओं को शील करने के बाद डीसी जगदीश शर्मा, एसपी सुलोचना गजराज के साथ महेंद्रगढ़ जिले में रेवाड़ी के बार्डर को जांचने पहुंचे।
डीसी जगदीश शर्मा ने निर्देश दिए कि किसी भी प्रवासी श्रमिक को पैदल न जाने दिया जाए। जो जहां पर है उसे वहीं पर आश्रय मिलेगा। प्रशासन की ओर से शेल्टर होम बनाए गए हैं। एसपी सुलोचना गजराज ने कनीना में पुलिस चौकी के सामने लगे नाके को रेवाड़ी मोड़ टी-प्वाईंट स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस कर्मचारियों को दूसरे राज्यों, जिलों के श्रमिकों को बाहर नहीं जाने देने के निर्देश दिए। रेलवे लाइन से गुजरने वाले व्यक्तियों को रोकने के लिए अटेली रोड रेलवे फाटक पर दो पुलिस कर्मचारी तैनात कराए। निजी स्कूल की दो बसें भी वहां उपलब्ध रहेंगी। प्रवासी श्रमिकों को इन बसों के जरिए शेल्टर होम भेजा जाएगा। शेल्टर होम में उनके खाने, रहने का पूरा इंतजाम किया गया है। इस दौरान एसडीएम रणबीर सिंह, डीएसपी यादराम बिश्रोई, थाना प्रभारी विकास कुमार, नपा चेयरमैन सतीश जेलदार, सचिव राजाराम व चौकी इंचार्ज गोविंद सिंह भी मौजूद रहे।
दो शेल्टर होम बनाए
कनीना में बनाए गए दो शेल्टर होम में 300 व्यक्तियों के रखा जा सकता है। कनीना फाटक के पास से जा रहे करीब 50 प्रवासी मजदूरों को रोककर महेंद्रगढ़ रोड पर बनाए गए शेल्टर होम भेजा गया। शेल्टर होम में 100 व्यक्ति पंजीकृत हैं। नपा की ओर से लगाये गये लंगर में मजदूरों को खाना उपलब्ध कराया। डीसी ने कहा कि सभी लोग सोशल डिस्टेंस बनाकर रहें। आवश्यक सेवाएं प्रभावित नहीं होने दी जाएंगी। किसी भी मजदूर को जिले से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। इस मौके पर प्रवर चिकित्सा अधिकारी धर्मेंद्र सिंह, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसडीओ सुरेंद्र सिंह, खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर ध्यान सिंह हाजिर थे।