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बाहर के मजदूर जिले में प्रवेश न करें, बाहर भी न जाएं : एसपी

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नाके पर जानकारी लेतीं एसपी सुलोचना गजराज। - फोटो : Narnol
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पुलिस अधीक्षक सुलोचना गजराज ने बार्डर पर लगेे नाकों की जांच की। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों को आदेश दिए हैं कि कोई भी दूसरे राज्य के मजदूर का जिले में प्रवेश न होने दें और जिले के मजदूर भी दूसरे राज्य में न जाने पाएं। सभी को शेल्टर होम में रखा जाए।
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पुलिस प्रवक्ता नरेश कुमार ने बताया कि लॉकडाउन के चलते कोरोना जैसी भयंकर बीमारी से निपटने के लिए पुलिस लगी है। जिले से पलायन कर रहे श्रमिकों को रोका जा रहा हैं। एसपी सुलोचना ने जिले में लगाए गए नाकों को ओर अधिक सख्त किया है और सभी नाकों के सबंधित थाना प्रभारियों के साथ दौरा किया है। साथ में संबंधित एसडीएम भी थे। नाकों पर तैनात कर्मचारियों का हाल-चाल व उनके कार्य की तारीफ की। पलायन करने वाले मजदूरों को समझाया जाए कि शेल्टर होम में रहे। सरकार का सहयोग करें व आदेश का पालन न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
पलायन को रोकने में करनी पड़ रही मशक्कत
मंडी अटेली। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लॉकडाउन है। इसे सफल बनाने के लिए प्रशासन जोर शोर से लगा हुआ है। सोमवार को पैदल जाते श्रमिक दिखे लेकिन पुलिस व समाज के दूसरे लोगों ने भोजन व ठहरने का आश्रय दिया। गांवों में आए मजदूरों को रोक कर अपने यहा शरण व भोजन देने का प्रबंध कर रहे हैं। गांव सराय बहादुर में गांव के सरपंच प्रदीप ने गांव में श्रमिकों के लिए कैंप बना कर भोजन की भी व्यवस्था की और रोकने का प्रयास किया लेकिन नहीं माने।
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मजदूरों पर सख्ती व समझाने पर पलायन को कुछ हद तक रोका गया है। पुलिस रोड पर रोकती है तो वो रेल लाइन की ओर भागते हैं। लेकिन स्थानीय लोगों के सहयोग के चलते पलायन को सोमवार को काफी हद तक रोका गया। नारनौल-रेवाड़ी रोड से होते हुए अटेली कस्बे में करीब 80 श्रमिक रविवार रात्रि को साढ़ेे 9 बजे पैदल पहुंचे। सभी को नगरपालिका में ठहराया गया और भोजन आदि प्रदान किया। गांवों के निगरानी कमेटी के नोडल अधिकारी ओमप्रकाश, नायब तहसीलदार रमेश कुमार, थाना प्रभारी सज्जन सिंह व नपा अधिकारी आदि ने व्यवस्था की।
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