हरियाणा बिजली वितरण निगम की सरचार्ज माफी स्कीम 31 दिसंबर को खत्म हो गई है। महेंद्रगढ़ डिविजन के 6444 डिफाल्टरों में से 1922 डिफाल्टरों ने योजना का लाभ उठाया है। सरकार ने इन डिफाल्टरों का 173.89 लाख रुपये का सरचार्ज माफ कर 181.10 लाख रुपये की रिकवरी की है। अभी भी 4522 डिफाल्टर के पास 484.38 लाख रुपये बकाया है।
सरकार की सरचार्ज माफी योजना के तहत डिफाल्टरों से रिकवरी करनी चाहती थी। यह स्कीम कुछ हद तक कारगर भी साबित हुई। विभाग ने डिफाल्टरों के पास मूल राशि का 41 प्रतिशत रकम रिकवर की है। महेंद्रगढ़ डिविजन के अंतर्गत तीन सब डिविजन सिटी, सब अर्बन और सब डिविजन कनीना आते हैं। प्रदेश सरकार ने डिफॉल्टर उपभोक्ताओं से बिजली बिल भरवाने के लिए सरचार्ज स्कीम शुरू की थी। यह स्कीम 9 सितंबर से शुरू होकर 31 दिसंबर तक चली।
योजना केवल ट्यूबवेल कनेक्शन के डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के लिए थी। सब डिविजन महेंद्रगढ़ में लगभग 6444 उपभोक्ता डिफॉल्टर थे। जिन पर लगभग 839.37 लाख रुपये बकाया थे। इनमें 1922 डिफॉल्टर ने 181.10 लाख रुपये का बिल भर कर 173.89 लाख रुपयेे सरचार्ज माफ करवाया है। इनमें चार सब डिविजन में सबसे अधिक फायदा महेंद्रगढ़ सब अर्बन के 949 डिफॉल्टर को हुआ है। जिनका 126.73 लाख रुपये का सरचार्ज माफ हुआ है। सबसे कम कनीना सब डिविजन के 473 डिफॉल्टरों ने 10.58 लाख रुपये का सरचार्ज माफी का फायदा उठाया है।
1056 डिफॉल्टरों पर हैं 353.39 लाख रुपये बकाया
डिसकनेक्ट उपभोक्ता 1080 थे। जिनकी तरफ 353.39 लाख रुपये बकाया था। इस माफी योजना का मात्र 24 डिसकनेक्ट उपभोक्ताओं ने लाभ उठाया है। जिन्होंने 18.24 लाख रुपये सरचार्ज माफ कर कनेक्शन पुन: चालू करवाया है। डिसकनेक्ट उपभोक्ताओं ने इस स्कीम के प्रति जरा भी दिलचस्पी नहीं दिखाई ।
सब अर्बन महेंद्रगढ़ डिविजन को हुआ सबसे अधिक फायदा
तीनों सब डिविजन महेंद्रगढ़ में सबसे अधिक फायदा सब अर्बन महेंद्रगढ़ को फायदा हुआ। सब अर्बन महेंद्रगढ़ डिविजन की ओर 2587 डिफॉल्टरों पर 426.66 लाख रुपये बकाया थे। इनमें 949 डिफाल्टरों ने 105.81 लाख रुपये भरकर 126.73 लाख रुपये का फायदा उठाया है। सिटी महेंद्रगढ़ सब डिविजन के 1606 डिफॉल्टरों की ओर 246.56लाख रुपये बकाया था। इनमें 500 डिफॉल्टरों ने 43.64 लाख रुपये भरकर 36.58 रुपये का फायदा उठाया है। वहीं कनीना सब डिविजन की ओर 2251 डिफॉल्टरों की ओर 166.15 लाख रुपये बकाया था। इनमें 473 उपभोक्ताओं ने 31.65 लाख रुपये का बिल भुगतान कर 10.58 लाख रुपये का फायदा उठाया।