नारनौल। जिला सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि कुमार सौंधी के निर्देशानुसार व प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अंजलि जैन की देखरेख में शुक्रवार को विश्व स्ट्रोक एवं निक्षय दिवस पर एडीआर सेंटर में मेडिकल कैंप लगाया। इसमें शुगर के 102, एचआईवी के 93 व एचबी के 79 लोगों का चेकअप किया।
इस मौके पर डॉ. पवन यादव ने स्ट्रोक के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जीवनशैली में बदलाव के साथ ब्रेन स्ट्रोक की समस्या तेजी से बढ़ी है, मगर इसके खतरों से अभी भी ज्यादातर लोग अनजान हैं। स्ट्रोक का सबसे आम लक्षण है। शरीर के एक ओर के हिस्से में कमजोरी या लकवा हो सकता है कि मरीज अपनी इच्छानुसार एक ओर के हाथ-पैर हिला ही न पाए या उनमें कोई संवेदना ही महसूस न हो। स्ट्रोक से बोलने में दिक्कत हो सकती है और चेहरे की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। जिससे लार बहने लगती है। सुन्न पड़ना या झुरझुरी होना भी बहुत सामान्य बात है। इस मौके पर उप सिविल सर्जन डॉ. हर्ष चौहान ने टीबी के बारे में जागरूक किया।
- आठ नवंबर को स्थानीय आईटीआई में मेगा कैंप
प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अंजली जैन ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 2 अक्तूबर से 14 नवंबर तक मनाया जा रहा आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 8 नवंबर को स्थानीय आईटीआई में मेगा कैंप लगाकर विभिन्न प्रकार की सरकार की योजनाएं व सेवाएं मुहैया कराई जाएंगी।