फोटो संख्या:63- गांव भोजावास में श्रीमद्देवी भागवत कथा में प्रवचन सुनते श्रद्धालु--स्रोत- आयोजक
- फोटो : बच्चों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की शपथ दिलाते जिला स्काउट मास्टर।
कनीना। भोजावास के सेठ बोदन सिंह मंदिर में चल रही नौ दिवसीय देवी भागवत कथा के सातवें दिन आचार्य ने महिषासुर के संहार की कथा सुनाई । कथा वाचक पंडित हेमराज भारद्वाज ने देवी का प्रादुर्भाव संवाद की व्याख्या की। झांकियों ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया।
कथावाचक पंडित हेमराज भारद्वाज ने कहा कि मां आदिशक्ति ने दुर्गा के रूप में अवतार लिया था। उनका यह अवतार दानवों के संहार के लिए हुआ था। उन्होंने ऐसे दानवों से पृथ्वी व स्वर्ग को मुक्त कराया, जिनका संहार करना देवताओं के वश में नहीं था।
ऐसे ही दैत्यों में पहला नाम आता है महिषासुर का। उसने कठिन तपस्या कर ब्रह्माजी से वरदान मांगा कि देवता और दानव उस पर विजय प्राप्त न कर सकें। इस तरह महिषासुर ने पृथ्वी और स्वर्ग को जीत कर देवताओं तथा मनुष्यों को कष्ट देना शुरू कर दिया।
तब मां दुर्गा ने अपने भक्तों की रक्षा के लिए अवतरित होकर महिषासुर दैत्य का संहार किया। कथावाचक पंडित हेमराज भारद्वाज ने आगे कहा कि सब देवताओं ने मां भगवती की आराधना की और मां भगवती त्रिपुर सुंदरी देवी की इच्छा से देवताओं के तेज पुंज निर्मित हुआ और उस तेज पुंज से मां भगवती दुर्गा का प्रादुर्भाव हुआ।