नारनौल। जिला महेंद्रगढ़ आधिकारिक तौर पर पूर्णतः मैनुअल स्कैवेंजिंग (हाथ से मैला ढोने की प्रथा) से मुक्त घोषित हो चुका है। इस आधिकारिक घोषणा को केंद्र सरकार के नमस्ते पोर्टल पर भी दर्ज कर दिया गया है।
उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिशा-निर्देशों व मैनुअल स्कैवेंजर्स के रूप में रोजगार का निषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 की पालन के फलस्वरूप जिला आधिकारिक तौर पर 13 जनवरी 2025 से मैनुअल स्कैवेंजिंग मुक्त प्रमाणित हो चुका है।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में किए गए व्यापक सर्वेक्षणों, स्वच्छता कर्मियों के पुनर्वास के लिए चलाए गए प्रयासों और नमस्ते पोर्टल व स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण संभव हो पाई है।
वर्तमान में जिले में मैनुअल स्कैवेंजिंग का कोई भी मामला मौजूद नहीं है और प्रशासन सफाई कर्मचारियों की गरिमा व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
डीसी ने आगे जानकारी दी कि यदि इस घोषणा के संबंध में किसी भी नागरिक को कोई आपत्ति है या मैनुअल स्कैवेंजिंग से संबंधित कोई साक्ष्य मौजूद है, तो वह 15 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में लिखित रूप में अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है।