नारनौल। लघु सचिवालय में शुक्रवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति और सुरक्षित स्कूल वाहन नीति की मासिक बैठक हुई। अतिरिक्त उपायुक्त तरुण पावरिया ने बताया कि जनवरी 2025 में जहां जिले में 26 दुर्घटनाएं हुई थीं, वहीं जनवरी 2026 में यह संख्या घटकर 12 रह गई है।
इसी प्रकार सड़क हादसों में होने वाली मौतों का आंकड़ा भी पिछले वर्ष जनवरी के 11 के मुकाबले इस वर्ष घटकर 4 रह गया है। अतिरिक्त उपायुक्त ने इन आंकड़ों को और कम करने के लिए पुलिस और संबंधित विभागों को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर उनकी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त उपायुक्त ने सड़क बनाने वाली एजेंसियों को निर्देश दिए कि सड़कों पर बने अवैध कटों को तुरंत बंद किया जाए और टूटी हुई सड़कों व गड्ढों को 30 दिनों के भीतर ठीक किया जाए।
अधिकारियों ने बैठक में बताया पिछली बैठक में मिले निर्देश अनुसार कनीना-सिहोर रोड पर पेड़ों की टहनियों की कटाई का कार्य पूर्ण कर लिया गया है और रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं।
एडीसी ने नेशनल हाईवे-152डी पर अवैध ढाबों और चाय की दुकानों को बंद करने के निर्देश दिए ताकि वाहनों के अवैध ठहराव के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे एक सप्ताह के भीतर अपने क्षेत्रों में स्कूल बसों की सघन चेकिंग करें। उन्होंने बताया कि जनवरी से अब तक 75 स्कूल बसों की जांच की गई। इसमें से नियमों का उल्लंघन करने वाली 4 बसों के चालान किए गए हैं।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती
ट्रैफिक पुलिस की ओर से यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। दिसंबर 2025 में ओवरस्पीडिंग के 797, बिना हेलमेट के 1508 और शराब पीकर गाड़ी चलाने के 56 चालान किए गए। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाने के लिए शिक्षा विभाग और आरटीए को कॉलेजों व स्कूलों में हर सप्ताह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्कूल बस चालकों की आखों की हुई जांच
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनवरी 2026 तक 619 स्कूल बस चालकों और परिचालकों की आंखों की जांच की गई है। अतिरिक्त उपायुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि वाहन पासिंग के दिन ड्राइवरों के लिए नियमित रूप से स्वास्थ्य और आंखों की जांच के कैंप आयोजित किए जाएं। एडीसी ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।