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Mahendragarh-Narnaul News: नवरात्र में लोगों की आस्था का केंद्र रहता है मां चामुंडा देवी मंदिर

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फोटो नंबर-10पंडित सत्यनारायण निर्मल। पुजारी मां चामुंडा देवी मंदिर
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नारनौल। आजाद चौक में बना प्राचीन मां चामुंडा देवी मंदिर शहर के लोगों की आस्था का केंद्र है। नवरात्र में मंदिर की महिमा और भी बढ़ जाती है। मां चामुंडा देवी मंदिर का इतिहास पुराना है। इतिहासकारों के अनुसार इस मंदिर को महाराजा नूणकर्ण ने बनवाया था। मां चामुंडा देवी राजा नूणकर्ण के कुल की इष्ट देवी थी। कुलदेवी की वे पूजा-अर्चना करते थे व सारी प्रजा की सुरक्षा व सुख की कामना करते थे।
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बताया जाता है कि नारनौल शहर को भी महाराजा नूणकर्ण ने ही बसाया था। अंग्रेजों के शासनकाल के बाद इस मंदिर का दोबारा से जीर्णोद्धार किया गया। वर्तमान में इसका कई बार नवीनीकरण किया जा चुका है। वहीं, मंदिर को आधुनिक एवं भव्य आकार भी दिया जा चुका है। मंदिर में मां चामुंडा देवी की प्रतिमा के अलावा अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित है। माता का गर्भ गृह भी श्रद्धालुओं द्वारा चांदी से जड़ित करवाया गया है। इतिहासकारों का मानना है कि औरंगजेब ने अपने शासनकाल में इस के ऊपर मस्जिद बना दी थी। जिसे सन 1947 के बाद खुदाई कर पुन: माता के मंदिर को स्थापित किया गया। इसके बाद इस मंदिर की पूजा साक्टन महाराज द्वारा की जाती थी। इसके बाद इसके पुजारी रूपचंद निर्मल रहे। अब इसकी पूजा पंडित सत्यनारायण निर्मल कर रहे हैं।


विवादों के बाद अब कुछ समय पहले किया गया नए ट्रस्ट का गठन
मां चामुंडा देवी मंदिर के ट्रस्ट को लेकर कई साल विवाद रहा। अब करीब चार महीने पहले नए ट्रस्ट का गठन किया गया है। ट्रस्ट गठन के बाद इस बार नवरात्र को लेकर मंदिर में रंग-रोगन सहित अन्य व्यवस्थाएं भी करवाई गई हैं।
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मां चामुंडा देवी मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र है। नवरात्र में माता की पूरे विधिविधान के साथ पूजा की जाती है। माता के भव्य शृंगार के साथ दोनों समय आरती की जाती है। इसमें लोगों की काफी भीड़ रहती है। नवरात्र को लेकर अंतिम दिन मेले का भी आयोजन किया जाएगा।
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-पंडित सत्यनारायण निर्मल, पुजारी मां चामुंडा देवी मंदिर
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