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भगवान राम का जीवन सत्य, मर्यादा, करुणा और त्याग का प्रतीक : रामभद्राचार्य

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फोटो नंबर-30जगतगुरु श्री रामानंदाचार्य स्वामी श्री वैदेही वल्लभ देवाचार्य जी महाराज के साथ वि
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नारनौल। जौरासी धाम श्याम मंदिर परिसर में आयोजित 151 कुंडीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ एवं श्रीराम कथा के पांचवें दिन बुधवार को कथा स्थल पर भव्य संत समागम देखने को मिला। स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि भगवान राम का जीवन सत्य, मर्यादा, करुणा और त्याग का प्रतीक है।
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कार्यक्रम की शुरुआत आर्यवर्त सेवा न्यास के संस्थापक विनीत पिलानिया ने परिवार सहित जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य का विधिवत पूजन कर स्वागत-सत्कार के साथ की। कथा के मीडिया प्रभारी कपिल भारद्वाज ने बताया कि 30 जनवरी को होने वाली रामकथा सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगी।
आयोजन अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष धर्म सम्राट महंत ज्ञान दास महाराज (हनुमानगढ़ी, अयोध्या) के सानिध्य में भगवान श्रीराम के जयकारों के बीच भव्य रूप से संपन्न हुआ।
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इस अवसर पर स्वामी रामभद्राचार्य ने भगवान राम की कथा का भावपूर्ण और प्रेरणादायक वर्णन किया। उनके प्रवचनों को सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि भगवान राम का जीवन सत्य, मर्यादा, करुणा और त्याग का प्रतीक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान राम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। रामकथा के श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पूरे वातावरण को भक्ति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
कथा के दौरान तीनों अनी अखाड़े से आए संत महात्माओं ने सर्वसम्मति से पश्चिम पीठाधीश्वर शेष मठ सिंगडा कौशलेंद्र मठ पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री वैदेही वल्लभ देवाचार्य जी महाराज, जौधपुर का पट्टाभिषेक के एक वर्ष पूर्ण होने पर संत समाज ने बधाई दी और एक कालनेमी को समाज सेवा पीठ से सर्वसम्मति से बहिष्कृत किया।
कथा के पांचवें दिन विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय संरक्षक दिनेश कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। बड़े दिनेश ने भी रामानंदाचार्य स्वामी वैदेही वल्लभा देवाचार्य महाराज को अपना आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में भाजपा हरियाणा के पूर्व महामंत्री संदीप जोशी फरीदाबाद, कलानौर से विधायक शकुंतला खटक समेत कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं।
संत समाज का लगा मेला
अंतर्राष्ट्रीय संत, तेरह अखाड़े के चार संप्रदाय एवं तीनों अनी और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय महामंत्री, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद धर्म सम्राट पूर्व महंत ज्ञान दास महाराज, टीलाद्वारा गद्य आचार्य यज्ञ सम्राट माधवाचार्य, जगतगुरु जगन्नाथ मंदिर के दिलीप देवाचार्य, राजेंद्र दास महाराज, अखिल भारतीय पंच रामानंदीय खाकी अखाड़ा अध्यक्ष वैष्णव सम्राट मोहन दास, धर्माचार्य अखिलेश्वर दास, अखिल भारतीय संत समिति गुजरात राज्य के महामंत्री रामचंद्र दास, विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय संरक्षक दिनेश कथा में मौजूद रहे।
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