संवाद न्यूज एजेंसी
नारनौल। ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन का लाइसेंस जल्द ही मिलने की उम्मीद है। ब्ल्ड बैंक में इस मशीन के लगने से मरीजों को निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। खासतौर से डेंगू से पीड़ित मरीज को प्लेटलेट्स के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
आगामी सप्ताह में ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन का लाइसेंस मिलने की संभावना है। अगर ऐसा होता है तो डेंगू मरीजों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। क्योंकि इस समय बारिश की वजह से जगह-जगह जलभराव हो जाता है जिससे डेंगू मरीज भी आने शुरू हो जाते हैं। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 15 से 20 मरीज ऐसे आ रहे हैं, जिनमें प्लेटलेट्स कम होने की शिकायत मिल रही है। नारनौल के नागरिक अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट मशीन को लाइसेंस नहीं मिलने से मरीजों को प्लेटलेट्स के लिए रेवाड़ी, रोहतक पीजीआई या फिर राजस्थान के बहरोड़, नीमराणा जाना पड़ रहा है।
अब ब्लड बैंक में ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन लगने से जरूरतमंदों को सरकारी दर पर प्लेटलेट्स मिलनी शुरू हो जाएगी। हालांकि ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन के लिए करीब 3 साल से लाइसेंस की स्वास्थ्य विभाग उच्च अधिकारियों से मांग कर रहा है। लेकिन अब तक लाइसेंस नही मिलने से मशीन शुरू नहीं की जा सकी है।
डेंगू व मलेरिया का नहीं आया एक भी मरीज
जिले में अब तक डेंगू व मलेरिया मरीज नहीं आया है जिससे प्लेटलेट्स के लिए अभी मारामारी नहीं है, लेकिन आने वाले दिनों में डेंगू के मरीज आने शुरू हो जाएंगे। इसके बाद मरीजों को निजी अस्पतालों की तरफ रुख करना पड़ेगा। बीते वर्ष मलेरिया के मरीज आने शुरू हो गए थे। लेकिन अब तक डेंगू व मलेरिया का एक भी मरीज नहीं आया है।
वर्जन:
ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन का जल्द ही लाइसेंस मिल जाएगा। जिससे मरीजों को प्लेटलेट्स के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। उच्च अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है।- डॉ. सर्वजीत थापर, चिकित्सा अधीक्षक नागरिक अस्पताल नारनौल।