महेंद्रगढ़। नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में 50 बेड हैं। जगह के अभाव में पुराने रिहायशी भवन में लैब, एक्स-रे, टीबी यूनिट, आयुष विंग चल रही है। वर्ष 2021 में 100 बेड का अस्पताल शुरू हुआ था, लेकिन भवन के अभाव में पिछले 4 साल से महेंद्रगढ़ का नागरिक अस्पताल पुराने भवन में चल रहा है।
लोगों की मांग पर सरकार की ओर से वर्ष 2019 में उप नागरिक अस्पताल से दर्जा बढ़ाकर नागरिक अस्पताल कर दिया गया था। साथ ही 50 बेड से 100 बैड का करने की घोषणा हुई थी। 100 बैड की घोषणा तो कर दी, लेकिन लेकिन सुविधाओं का दायरा नहीं बढ़ पाया। बेहतर सुविधाओं के लिए भवन का अभाव नजर आने लगा तो नए भवन के लिए 26 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी मिली। 10 जुलाई 2021 को नए भवन निर्माण का शिलान्यास का काम शुरू किया गया। इसके लिए 31 दिसंबर 2023 को निर्माण पूरा करने के लिए समय सीमा रखी गई थी। जेई अनिल कुमार ने बताया कि नए भवन का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। 6 महीने बाद नए भवन का कार्य पूरा हो जाएगा।
जगह के अभाव में पुराने रिहायशी भवन में चलाया जा रहा है काम
नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में जगह का अभाव होने के कारण पुराने रिहायशी भवन को भी चिकित्सा सुविधाओं के लिए उपयोग किया जाने लगा। इस समय लैब, हड्डी विभाग, टीबी यूनिट, आयुष विंग सहित सुविधाएं भी रिहायशी क्वार्टरों में चल रही हैं। जिसको लेकर जगह की कमी होने के कारण लोग परेशान है।
जगह व संसाधनों के अभाव में चिकित्सक भी लाचार
अन्य सुविधाओं के अभाव में तैनात चिकित्सक भी बेहतर चिकित्सा सेवाएं देने का जद्दोजहद कर रहे हैं। नागरिक अस्पताल में औसत ओपीडी का आंकड़ा 400 तक था वह भी 600 पार कर गया है। ऐसे में सुविधाओं के अभाव में कितना बेहतर उपचार दिया जा रहा है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
नागरिक अस्पताल का नया भवन बनने तक कुछ परेशानी जरूर रहेगी, लेकिन अस्पताल में आने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं। नए भवन के निर्माण पर नियमित रूप से निगरानी रखी जा रही है, इसे तय समय में पूरा कराया जाएगा। उनका प्रयास है कि लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों।
डॉ. अनिल, एसएमओ, नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़।