नारनौल। अब जल्द ही मेडिकल कॉलेज की जिलावासियों को सौगात मिल जाएगी। मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य ज्यादातर पूरा हो चुका है। इसे मई माह तक सरकार के सुपर्द कर दिया जाएगा। हालांकि ओपीडी व इमरजेंसी की सुविधा फरवरी-मार्च माह तक शुरू की जा सकती है।
अब सरकार मेडिकल कॉलेज का पूरा कार्य होने के बाद ओपीडी व इमरजेंसी शुरू करेगी या फिर फरवरी-मार्च में शुरू करेगी। यह तो भविष्य के गर्भ में छिपा हुआ है, लेकिन वर्ष 2024 में आमजन को रोहतक नहीं जाना पड़ेगा। यह सभी सुविधा कोरियावास मेडिकल कॉलेज में ही मिलनी शुरू हो जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने 23 दिसंबर 2018 को मेडिकल कॉलेज की नींव रखी थी, लेकिन कोरोना काल में इस मेडिकल कॉलेज का कार्य बंद हो गया था, लेकिन अब मेडिकल कॉलेज का कार्य अंतिम पड़ाव पर है।
वर्ष 2021 तक मेडिकल कॉलेज का होना था निर्माण कार्य पूरा
इस मेडिकल कॉलेज का अगस्त 2019 में टेंडर ऑनलाइन किया गया था। यह मेडिकल कॉलेज गांव कोरियावास में 598 करोड़ की लागत से 80.53 एकड़ में बनाई जानी थी। टेंडर के समय मेडिकल कॉलेज की निर्माण अवधि 24 माह रखी गई थी, लेकिन कोविड काल की वजह से समय पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। अब वर्ष 2024 के मई माह तक सरकार को मेडिकल कॉलेज सरकार को सुपर्द कर दी जाएगी।
नागरिक अस्पताल से रोहतक नहीं करना पड़ेगा रेफर
अब कोरियावास मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद नारनौल के नागरिक अस्पताल से मरीजों को रोहतक रेफर नहीं करना पड़ेगा। नारनौल के नागरिक अस्पताल में सुविधाओं का अभाव होने की वजह से मरीजों को रोहतक रेफर करना पड़ता है। ऐसे में कई बार मरीज रोहतक पहुंचने से पहले ही बीच रास्ते में दम तोड़ देता है, लेकिन मेडिकल कॉलेज शुरू होने से यहीं बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
10 लाख आबादी से अधिक को मिलेगा अच्छा उपचार
जिले में करीब 10 लाख आबादी है, वहीं पड़ोसी राजस्थान से भी नारनौल में उपचार लेने के लिए लोग आते हैं। अब कोरियावास मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद गंभीर रूप से बीमार मरीजों को रोहतक, जयपुर, बहरोड़ व दिल्ली लेकर नहीं जाना पड़ेगा।
कोरियावास मेडिकल कॉलेज मई तक सरकार को हैंडओवर कर दिया जाएगा, अगर सरकार चाहे तो फरवरी-मार्च तक ओपीडी व इमरजेंसी सुविधा शुरू कर सकती है।
-रमेश कुमार राणा, प्रोजेक्ट मैनेजर, आलुवालिया कांट्रेक्ट इंडिया लिमिटेड।