फोटो 21 ट्रामा सेंटर में पहली बार घुटने का ऑपरेशन करते चिकित्सक।स्रोत चिकित्सक
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नारनौल। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से ट्रामा सेंटर का उद्घाटन करने के बाद पहली बार वीरवार को दो सफल घुटनों के ऑपरेशन किए गए। यह दोनों ऑपरेशन आयुष्मान भारत योजना के तहत किए गए हैं। सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत कूल्हे व घुटनों के ऑपरेशन निजी अस्पतालों में बंद कर दिए हैं।
ककराला निवासी ग्यारसी का वीरवार को घुटनों का ऑपरेशन किया गया। वह चलने फिरने में असमर्थ थी। डॉक्टरों ने घुटने का ऑपरेशन करने की सलाह दी। इसके बाद हड्डी रोग विशेषज्ञ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कृष्ण कुमार यादव मरीज का सफल ऑपरेशन किया।
वहीं, दूसरा ऑपरेशन गढ़ी खुडाना निवासी सुमित्रा का हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. होशियार शर्मा ने सफल ऑपरेशन किया है। अब तीन-चार दिन अस्पताल में भर्ती रखने के बाद मरीज को छुट्टी दे दी जाएगी।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कृष्ण कुमार यादव व डॉ. होशियार शर्मा ने बताया कि नागरिक अस्पताल में इन दिनों 30 से 35 मरीज घुटने के दर्द से ग्रस्त आ रहे हैं। इसके पीछे लोगों की बदलती जीवन शैली व खानपान है। ओपीडी के बाहर सुबह से मरीजों की लाइन लगनी शुरू हो जाती है। इसके हाथ पैर में दर्द के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
घुटना प्रत्यारोपण में 1.5 लाख रुपये का खर्च
अगर कोई मरीज बिना आयुष्मान के निजी अस्पताल में एक घुटने का प्रत्यारोपण कराता है तो उस पर करीब 1.50 लाख रुपये का खर्च आता है। इसके लिए दिल्ली जयपुर के अस्पतालों में मरीजों को जाना पड़ता था। अब यह सुविधा नागरिक अस्पताल में मिलने से मरीजों को दूर दराज नहीं जाना पड़ेगा।