फोटो 04: पानी से लबालब भरा जल महल। स्रोत: विभाग
नारनौल। करीब एक दशक के लंबे इंतजार के बाद ऐतिहासिक जल महल में फिर पानी भर दिया गया है। भारतीय पुरातत्व विभाग की ओर से राष्ट्रीय महत्व का संरक्षित स्मारक घोषित जल महल अब सैलानियों के लिए खोल दिया गया है। इससे नारनौल में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जल महल का निर्माण वर्ष 1591 में मुगल सम्राट अकबर के शासनकाल में तत्कालीन गवर्नर नवाब शाह कुली खान ने करवाया था। शुष्क क्षेत्र में बने इस महल में प्राकृतिक ढलान और मानसूनी पानी के संचयन की तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। इसकी खास स्थापत्य शैली में उत्तर दिशा की ड्योढ़ी, 16 धनुषाकार मेहराबों वाला पुल और अष्टकोणीय गुंबद शामिल हैं।
उपायुक्त अनुपमा अंजली ने बताया कि पानी भरने के बाद जल महल एक आकर्षक पर्यटन स्थल बन गया है। प्रशासन इसे और बेहतर बनाने की योजना पर काम कर रहा है। अनुमति मिलने के बाद यहां शाम के समय संगीत संध्या आयोजित करने की भी योजना है।
उन्होंने लोगों से परिवार और बच्चों के साथ जल महल देखने आने की अपील की। साथ ही पानी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और परिसर में गंदगी न फैलाने का आग्रह किया। प्रशासन को उम्मीद है कि जल महल भविष्य में पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा।