नारनौल। मन में कुछ कर गुजरने की चाह हो तो रास्ते खुद-ब-खुद बन जाते हैं। ऐसा ही हुआ नारनौल निवासी अनीता के साथ। शादी के बाद उन्होंने इंटर पास किया और ससुर की प्रेरणा से उन्होंने आईटीआई की। सिलाई-कढ़ाई सीखने के बाद बुटीक शुरू की। अब वह खुद आत्मनिर्भर बनने के साथ चार महिलाओं को रोजगार भी दिया है।
राजस्थान हरियाणा की सीमा पर राजस्थान के गांव नायसराना में 5 अप्रैल 1987 को कारपेंटर के घर में अनीता का जन्म हुआ। वह 6 भाई बहनों में तीसरे नंबर की हैं। 10वीं की परीक्षा देने के बाद उनका विवाह नारनौल निवासी एक व्यवसायी से करा दिया।
विवाह के दौरान अनीता को यह नहीं मालूम था कि उन्हें अपने जीवन में क्या करना है। उन्होंने 12वीं कक्षा पास की। इस समय तक वह दो बच्चों की मां भी बन चुकी थीं। 12वीं पास करने के बाद एक दिन उनके ससुर ने उनसे आईटीआई करने को कहा तो उन्होंने भी हामी भर दी।
इसके बाद साल 2012 में सिलाई व 2013 में कढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद 2014 में एक साल टीटीसी का कोर्स किया।
आईअीआई करने के दौरान अनीता की इच्छा सरकारी नौकरी करने की थी लेकिन टीटीसी के दौरान घर पर ही सिलाई करने के दौरान कपड़े सिलते सिलते उनका काम बढ़ने लगा। अनीता की इच्छा सरकारी नौकरी से स्वरोजगार की ओर बढ़ने लगी। आखिरकार पति व ससुर की इजाजत लेकर उन्होंने साल 2015 में अपना बुटीक शुरू कर दिया। अनीता ने बताया कि हर माह सारा खर्चा काटकर वे आसानी से 15 हजार रुपये तक कमा लेती हैं।
खुद रोजगार करना सबसे अच्छा : अनीता
अनीता का मानना है कि नौकरी के पीछे भागने की बजाय अपना रोजगार शुरू करना चाहिए। आईटीआई में महिलाओं के लिए बहुत से कोर्स मौजूद हैं जो कम लागत में शुरू कर महिलाएं अच्छा खासा मुनाफा कमा कर खुद को सफल बना सकती हैं।