नारनौल। महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत संचालित वन स्टाप सेंटर ने काउंसिलिंग के माध्यम से एक मां को उसकी मात्र 5 महीने की दुधमुंही बच्ची से दोबारा मिलवाया।
वन स्टाप सेंटर प्रशासक वंदना यादव ने बताया कि पीड़ित महिला की शादी डेढ़ वर्ष पहले हुई थी। विवाह के कुछ समय बाद पारिवारिक विवाद के चलते महिला को 5 महीने की नवजात बच्ची से दूर होना पड़ा। संज्ञान में आने पर सेंटर ने मामले को संज्ञान में लिया। सेंटर की प्रभारी और संबंधित अधिकारियों ने महिला और उसके ससुराल पक्ष को केंद्र पर बुलाया।
काउंसिलिंग के दौरान अधिकारियों ने दोनों पक्षों को नवजात शिशु के लिए मां के दूध व ममता की अनिवार्यता से अवगत कराया। सेंटर की टीम के समझाने और विधिक परामर्श के बाद दोनों पक्षों को अपनी गलतियों का अहसास हुआ और आपसी सहमति से बच्ची को उसकी मां को सौंपने का निर्णय लिया।
पीड़ित महिला और उसके परिजनों ने जिला प्रशासन और वन स्टाप सेंटर की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। वन स्टाप सेंटर प्रशासक वंदना यादव ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर का मुख्य उद्देश्य ही समाज की ऐसी महिलाओं को आश्रय, कानूनी सहायता, मेडिकल मदद और काउंसिलिंग प्रदान करना है।