फोटो नंबर-13अटेली के उप नागरिक अस्पताल में रखे बैड। संवाद
मंडी अटेली। प्रदेश भर में कोविड के मामले आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। नागरिक अस्पतालों में भी आइसोलेशन वार्ड तथा आक्सीजन की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री के विधानसभा क्षेत्र के उप नागरिक अस्पताल में यह सभी व्यवस्थाएं नदारद है।
अटेली के स्वास्थ्य केंद्र को डेढ़ दशक से उप नागरिक अस्पताल का दर्जा मिला हुआ है। जहां 50 बेड का तीन मंजिला आधुनिक इमारत का निर्माण किया गया है, जहां आज कई समस्याएं मुंह बाएं खड़ी हैं। बताया जाता है कि अल्ट्रासाउंड मशीन की सुविधा शुरू से ही नहीं मिली है। इसकी वजह से मरीजों को निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर करवाने पड़ते हैं। इसके अतिरिक्त एक्स-रे का लाभ मरीजों को मिल रहा था, लेकिन पिछले
कुछ समय से रेडियोग्राफर का तबादला होने के कारण यह सुविधा भी नहीं मिल रही। कोविड-19 के समय यहां 26 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया था, जिसमें आक्सीजन के सिलिंडर भी लगाए गए थे। लेकिन अब वह सब व्यवस्था कहीं दिखाई नहीं दे रहीं।
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार उक्त स्वास्थ्य केंद्र को उप नागरिक अस्पताल का दर्जा मिला हुआ है, लेकिन यहां 9 से 4 बजे तक ही चिकित्सक व अन्य स्टाफ कार्यरत रहता है। जबकि नियमानुसार उप नागरिक अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में 24 घंटे चिकित्सक उपलब्ध होना अनिवार्य है। जब अस्पताल का निरीक्षण किया तो आइसोलेशन वार्ड में रखें बेड ऊपर नीचे एकत्रित थे उनके गद्दे एक कोने में सिमटे थे तथा आक्सीजन के सिलिंडर भी गायब थे। जब चिकित्सकों से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने दो टूक शब्दों में जवाब देते हुए कहा कि 9 से 4 बजे तक हम ओपीडी में मरीज देखने का कार्य करते हैं। इस दौरान आपके सवालों का जवाब देने के लिए हमारे पास कोई समय नहीं है।