महेंद्रगढ़। भारत भूमि का कण-कण गुरु परिवार का ऋणी है। उनका बलिदान देश के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया है। जब-जब सनातन को बचाने वालों की चर्चा होगी तब तब गुरु गोविंद सिंह के परिवार के बलिदान को नतमस्तक होकर याद किया जाता रहेगा।
कैलाश पाली ने बताया कि मुगलों ने जिस प्रकार से इस परिवार पर अत्याचार किए ऐसे अत्याचार दुनिया में किसी ने भी नहीं किए। भारत का इतिहास मुगल आक्रांताओं के अत्याचारों से भरा पड़ा है, लेकिन गुरु परिवार पर आक्रांताओं ने जो अत्याचार किए उन्हें विस्मृत नहीं किया जा सकता है। गुरु तेग बहादुर के बलिदान से प्रेरणा लेकर सिख परंपरा को आगे बढ़ाते हुए गुरु गोविंद सिंह की चारों बच्चों ने प्राण न्योछावर कर दिए। बलिदान दिवस पर महेंद्रगढ़ स्थित गुरुद्वारे में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर सरदार ज्ञान सिंह खालसा, जसविंदर सिंह सरदार, गुरमीत सिंह सरदार, सत्येंद्र सिंह, कैलाश पाली, मनोहर लाल झुकिया, राम जीवन मित्तल, पवन खुडाना, विजय सेठ, पवन कुमार मौजूद रहे।