फोटो नंबर-11चांदुवाड़ा की रामलीला में सुग्रीव की खोज में जाते राम-लक्ष्मण की लीला का मंचन करत
नारनौल। मोहल्ला चांदूवाड़ा स्थित श्री धार्मिक रामलीला ट्रस्ट के 77वें ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव में शुक्रवार रात राम-सुग्रीव मित्रता और बाली वध की लीलाओं का मंचन किया गया। वर्ष 1950 से आयोजित हो रही इस रामलीला में शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। जय श्रीराम के जयकारों से रामलीला प्रांगण गूंज उठा।
मंचन के दौरान कलाकारों ने भगवान राम और सुग्रीव की मित्रता तथा बाली वध के प्रसंग को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। राम की भूमिका दीपक हरित, लक्ष्मण की अनिल चौहान, हनुमान की तरुण सोनी, सुग्रीव की जोगेंद्र छल्पाड़िया, बाली की बलवंत सैनी, तारा की दिनेश सैनी और अंगद की भूमिका लोकेश सोनी ने निभाई।
मंचन के दौरान बाली और सुग्रीव के बीच विवाद की कहानी राम को बताई गई। भगवान राम ने मित्र के दुख को बड़ा समझकर सुग्रीव को बाली से युद्ध करने को कहा। मंच पर बाली और सुग्रीव के युद्ध का मंचन और भगवान राम द्वारा बाली को छुपकर मारने की लीला दिखाई गई। बाली वध के साथ रात लीला को विराम दिया गया।