नगर पालिका कार्यालय में रविवार को नपा की साधारण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नपा चेयरपर्सन ने 13 एजेंडे रखे जिनमें 7 पार्षदों ने इनका विरोध जताया जबकि चेयरपर्सन सहित चार पार्षदों ने इस पर सहमति जताई। बैठक काफी हंगामेदार रही। बैठक पुलिस सुरक्षा के बीच हुई। इस दौरान तीन पार्षद अमित मिश्रा, कमलेश तायल एवं नरेंद्र खन्ना को बैठक के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। रूम को अंदर से बंद किया था और बाहर नपा कर्मचारी खड़े हुए थे। इससे पहले यह बैठक 7 जनवरी को हुई थी। उस दिन तीनों पार्षदों के अंदर आ जाने के कारण नपा चेयरपर्सन उसको स्थगित कर दिया था।
पार्षदों ने नपा चेयरपर्सन पर तानाशाही करने का आरोप लगाया। उन्होंने चेयरपर्सन ने ही कोर्ट में छह पार्षदों के खिलाफ शिकायत दी है और आज उसकी तारीख भी है बाजवूद इसके उन्होंने जानबूझ कर बैठकर रखी ताकि वो बैठक में शामिल न होकर अपनी मनमर्जी चलाए। विरोध करने वालों में उप प्रधान रमेश बोहरा, पार्षद डॉ. तरुण यादव, बबीता सैनी, देवेंद्र सैनी, कृष्णा शर्मा, विष्णु कुमार, मंजू महायच, शामिल हैं। इसके अलावा दो मनोनीत पार्षद कुलदीप शर्मा एवं महेंद्र प्रजापत ने भी विरोध किया जबकि पार्षद मोनिका सैनी, मनीष सैनी एवं कृष्णा जांगड़ा ने सभी एजेंडों पर अपनी सहमति जताई। बैठक की कार्रवाई लिपिक खिल्लु राम ने लिखी। इस मौके लेखाकर शिव कुमार एवं जेई शाहरुख खान भी उपस्थित थे।
बता दें कि नगरपालिका की बैठक लगभग 10 बजे शुरू होकर 12.30 बजे तक चली। नपा चेयरपर्सन ने पहला एजेंडा भवन निर्माण न 34 नक्शे पास करने का रखा था। इस पर पार्षद डॉ. तरुण ने कहा कि बैठक में भवन निर्माण नक्शे रखने की आवश्यकता ही नहीं है यह काम एमई और जेई का है वो करेंगे। इसका प्रस्ताव वो 6 मार्च 2019 की बैठक में पास चुके हैं। इसके बाद दूसरा एजेंडा नपा चेयरपर्सन ने शहर की स्ट्रीट लाइटों पर लगी सोडियम लाइटों को बदलने के लिए एलईडी लाइट लगाने का एजेंडा रखा। जिस पर उप प्रधान रमेश बोहरा ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि इससेेेे पहले 300 एलईडी लाइटें आईं थी लेकिन हमें एक भी एलईडी लाइट नहीं मिली। तीसरे एजेंडा नपा चेयरपर्सन रीना गर्ग ने नपा परिसर में चार कमरे बनवाने का रखा था। इस पर डॉ. तरुण ने विरोध जताया उन्होंने कहा कि कमरे बाद में भी बन सकते हैं।
पांचवों टेंडर चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा पार्क में ग्रामय फाउंडेशन रेवाड़ी को 50 प्रतिशत शेयर पर शौचालय और रैन बसेरा बनाने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव पर पार्षद डॉ. तरुण और रमेश बोहरा ने उक्त फाउंडेशन का उनसे आवेदन दिखाने का कहा। परंतु नपा चेयरपर्सन ने कहा कि उसके पास अभी उनका आवेदन नहीं है वो बाद में दिखा देंगी लेकिन पार्षद इस बात को नहीं माने और उन्होंने इस प्रस्ताव का भी विरोध किया।नपा चेयरपर्सन ने कहा कि यह पास करने के बाद अगली मीटिंग में उनसे भी आवेदन मंगवा लिए जाएंगे लेकिन पार्षद नहीं माने।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को लेकर पार्षदों ने जताया विरोध
चतुर्थ श्रेणी महिला सफाई कर्मचारी ने बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे मनोनीत पार्षद महेंद्र प्रजापत को मीटिंग से बाहर जाने के लिए कहा। इस पर सभी पार्षद भड़क गए। इस बात को लेकर पार्षदों ने जमकर विरोध भी किया। नपा चेयरपर्सन ने कर्मचारी को बताया कि ये मनोनीत पार्षद हैं इनको बैठे रहने दें। इसके बाद उस महिला कर्मचारी को माफी भी मांगनी पड़ी।
तीनों पार्षदों ने चेयरपर्सन से बैठक के लिए मांगी अनुमति
पार्षद अमित मिश्रा, नरेंद्र खन्ना और कमलेश तायल ने मीटिंग में शामिलन होने के लिए नपा चेयरपर्सन को लिखित में आवेदन दिया था। उन्होंने अपने आवेदन में बताया था कि तीनों पार्षदों पर सरकार और कोर्ट से किसी भी तरह की नगरपालिका सदन की बैठक तथा नगर पालिका की अन्य गतिविधियों में भाग लेने पर रोक नहीं हैं। इसलिए उन्हें आज की मीटिंग और भविष्य में होने वाली मीटिंग में शामिल होने दिया जाए। परंतु नपा चेयरपर्सन ने उनके आवेदन पर स्पष्ट लिख दिया कि उपायुक्त के आदेश स्पष्ट नहीं है। हाई कोर्ट से भी इनकी सदस्यता को लेकर स्टे लिया हुआ है। इसलिए उनको बैठक में आने की अनुमति नहीं है। चेयरपर्सन ने इस पर अपने हस्ताक्षर एवं मोहर भी लगाई है।
नपा चेयरपर्सन तानाशाही करती हैं न तो एजेंडों को लेकर पार्षदों से विचार विमर्श करती है और न ही मीटिंग में उनकी सुनती है। अपनी मनमानी चलाती हैं। इसलिए हमने सभी एजेंडो पर विरोध जताया है। 6 मार्च 2019 को 88 टेंडरों में सड़कों की सही लोकेशन नहीं होने के कारण वो गलत थे। आचार संहिता लगने के कारण हमने उनको रद्द भी कर दिया था। -रमेश बोहरा, उप प्रधान नपा।
मीटिंग में 13 एजेंडे रखे गए थे। इनमें सभी पर हमारा विरोध है। एजेंडें में सड़क, नाली, गली, रिपेयिरंग का कोई जिक्र नहीं है। लगभग एजेंडे निजी थे। प्रधान ने स्वयं ने ऑनरिकार्ड माना है कि एमई और जेई के कारण विकास नहीं हो रहा तो वो उसमें हमें क्यों खराब कर रहे हैं।
- डॉ. तरुण, पार्षद
मीटिंग में 13 एजेंडे हमने पेश किए थे। सात पार्षदों ने इन पर अपना विरोध जताया। हमने एक-एक एजेंडा उनको समझाने की कोशिश की लेकिन वो समझने को तैयार नहीं थे। मीटिंग का कोमर पूरा था अभी यह कार्रवाई तीन दिन के अंदर हम उपायुक्त के पास भेजेंगे। उपायुक्त के अप्रवू होने पर ही कुछ कहा जा सकता है।
- रीना गर्ग, नपा चेयरपर्सन।
सुबह मीटिंग में शामिल होने के लिए गए थे। मीटिंग में शामिल होने के लिए हमने नपा चेयरपर्सन रीना गर्ग को आवेदन भी दिया था। परंतु उन्होंने हमें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने हमें लिखकर भी दिया है। हम चेयरपर्सन पर माननीय हाई कोर्ट की अवमानना का केस दायर करेंगे। - अमित मिश्रा।