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अच्छी बारिश होने से भूजल स्तर में हुआ सुधार

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कोई भी काम लक्ष्य और समयबद्ध तरीके से किया जाए तो उसके सकारात्मक परिणाम जरूर मिलते हैं। केंद्र व हरियाणा सरकार द्वारा चलाए गए जलशक्ति अभियान तथा दूसरे उपायों से पानी के संवर्धन, संरक्षण व संचयन का ही नतीजा है कि जिले में जलस्तर में हो रही गिरावट रुक गई है। पिछले दो दशक से लगातार रसातल में जा रहे जल का न केवल स्तर बरकरार रखा गया, बल्कि उसमें अभूतपूर्व सुधार हुआ है। इसके लिए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने बहुस्तरीय रणनीति बनाकर कार्य किया है।
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उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि जिले में भूजल स्तर में सुधार दो कारणों से हुआ है। पहला जलशक्ति अभियान के तहत जिले में विभिन्न तरीके से बारिश के पानी को अधिक से अधिक जमीन में उतरना तथा अभियान के दौरान संरक्षण, संवर्धन व संचयन के लिए लोगों को जागरूक करना। वहीं दूसरा सबसे बड़ा काम नहरों का पुनरुद्धार करना है। सभी पंप हाउस में नई मोटरें सहित तमाम मशीनरी बदली गई हैं। पांच साल पहले जहां महेंद्रगढ़ जिले के मध्य तक 200 क्यूसिक पानी पहुंचता था, वहीं अब 400 क्यूसिक पहुंच रहा है।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में इस बार बारिश के सीजन के दौरान नहरों में लगातार 100 दिन तक पानी चला है। मध्य हरियाणा को इस सीजन में पानी की जरूरत नहीं होती है। ऐसे में उस पानी को जिले की अंतिम टेल तक पहुंचाने का काम हुआ है। इसके अलावा दौहान व कृष्णावती नदी में इस पानी को लगातार डाला गया है। इन दोनों नदियों में 50 से अधिक इंजेक्शन प्रणाली लगाई गई हैं। इनसे पानी को जमीन के अंदर अधिक से अधिक मात्रा में उतारा गया है।
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उन्होंने बताया कि हमें अभी इस परिणाम से संतुष्ट नहीं होना है। नांगल चौधरी क्षेत्र में कई छोटे-छोटे बांध हैं। उनसे भी काफी फायदा हुआ है। अब इस क्षेत्र के सात बांधों को ऊंचा करके पींचिंग कराई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक मात्रा में पानी का संचयन हो सके। अब सरकार ने खेत जलघर योजना भी शुरू की है, जिनके माध्यम से सामुदायिक या व्यक्तिगत खेत तालाब बनाने पर सरकार 85 फीसदी तक अनुदान दे रही है। इस तालाब से आसपास के किसान अपने खेतों की सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली से सिंचाई कर सकते हैं।
जल स्तर की सही रिपोर्ट के लिए विभाग जल्द विभिन्न हिस्सों में लगाएगा पीजो मीटर
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के एक्सईएन नितिन भार्गव ने बताया कि इस बार जिले में सबसे अधिक मात्रा में नहरी पानी पहुंचा है। इसके अलावा इस बार बारिश भी अच्छी हुई है। पहली बार देखने में आया है कि नारनौल जैसे शुष्क क्षेत्र में जलस्तर बढ़कर अंडरग्राउंड भवनों में पानी भर गया। यहां पानी का स्तर बहुत नीचे था, लेकिन इस बार विभिन्न स्तर पर पानी का संचयन होने से शहर के कई हिस्सों में पानी का स्तर बहुत अच्छा हो गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पानी की उपलब्धता होने के साथ ही किसान अब पानी का अधिक उपयोग करने लगे हैं। यह ठीक नहीं है। किसान सूझबूझ के साथ पानी का प्रयोग करें। खुला पानी देने की बजाय सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अपनाएं।
उन्होंने बताया कि विभाग जल्द ही जिले के विभिन्न स्थानों पर पीजो मीटर लगाएगा। इसके बाद आने वाले समय में जल स्तर की सही रिपोर्ट हमें मिल सकेगी। ग्राउंड वाटर सेल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि फिलहाल खंड अटेली के गांव बाछौद में वाटर लेवल 75 मीटर है। इसी प्रकार गांव चंदपुरा में 73.1, पृथ्वीपुरा में 73.5 तथा गांव अटेली में 81 मीटर है। उन्होंने बताया कि खंड कनीना के गांव चेलावास में वाटर लेवल 42.1 है। गांव नांगल मोहनपुर में 52, सेहलंग में 38 तथा गांव उच्चत में 22.36 मीटर है।
खंड महेंद्रगढ़ के गांव कोथल खुर्द में वाटर लेवल 18.85 है। इसी प्रकार पाल में 39.5, गांव कुराहवटा में 62.5 तथा गांव निहालावास में 112.8 हो गया है। उन्होंने बताया कि खंड नारनौल के गांव गोद बलावा में 78 हो गया है। इसी प्रकार गांव खोडमा में वाटर लेवल 97, नारनौल में 19.45 तथा गांव रघुनाथपुरा में वाटर 32.7 है। उन्होंने बताया कि खंड नांगल चौधरी के गांव नांगल कालिया में 54.45 मीटर, गांव सैदअलीपुर में 36.1 तथा गांव दताल में 36.2 हो गया। खंड सिहमा के गांव गुवाणी में 53.5 है। इसी प्रकार गांव हुड िना में 64.56 तथा गांव मुंडिया खेड़ा में वाटर लेवल 69.5 है।
खंड निजामपुर के गांव धानोता में वाटर लेवल 41.9 है। इसी प्रकार गांव गांवडी जाट में 21.8, पाचनोता में 19.2 तथा गांव बामनवास मौखुता में 55.45 मीटर है। उन्होंने बताया कि खंड सतनाली के गांव बारडा में जलस्तर 60.5 है। इसी प्रकार गांव नावा में 65.6, नांगल माला में 67.5 तथा गांव सोहला में 64.5 मीटर पर बरकरार है।
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