नारनौल। नगर परिषद शहर में लगे अवैध होर्डिंग और बैनरों को हटाने के लिए अभियान तो चला रही है लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही। दंडात्मक कार्रवाई नहीं होने के कारण प्रचार करने वालों के हौसले बुलंद हो गए हैं जिससे समस्या लगातार बनी हुई है। इसके चलते नप को तयशुदा विज्ञापन स्थलों से होने वाली आय में भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
नगर परिषद की तरफ से एक माह से अवैध होर्डिंग हटाने का अभियान लगातार चला रहा है। रेवाड़ी रोड, महेंद्रगढ़ रोड और सिंघाना रोड पर इस अभियान का कुछ असर भी देखने को मिला है। हालांकि, होर्डिंग लगाने वालों पर चालान न होने के कारण एक-दो दिन के भीतर ही फिर से नए होर्डिंग लगा दिए जाते हैं।
शहर में जहां नगर परिषद ने यूनिपोल लगाए हुए हैं। उनके आसपास निजी भवनों, दुकानों और छतों पर कई प्रचार होर्डिंग लगे हुए हैं। इसके अलावा महावीर मार्ग, होंडा चौक सहित शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर भी बड़ी संख्या में अवैध होर्डिंग व पोस्टर नजर आ रहे हैं। इससे न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि यातायात में भी बाधा उत्पन्न हो रही है।
लोगों का कहना है कि जब तक नगर परिषद अवैध होर्डिंग लगाने वालों को नोटिस जारी कर जुर्माना और चालान की कार्रवाई अमल में नहीं लाएगी, तब तक इस समस्या से स्थायी निजात पाना मुश्किल है।
केवल होर्डिंग हटाने से अस्थायी राहत तो मिलती है लेकिन इससे नियमों की अवहेलना करने वालों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। लगातार एक माह तक अभियान चलाने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार न होने के बाद अब नगर परिषद के लिए सख्त कदम उठाना आवश्यक हो गया है।
आमजन की मांग है कि अवैध होर्डिंग लगाने वालों के विरुद्ध नोटिस, चालान और जुर्माने जैसी ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि शहर को इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके और नगर परिषद की आय में भी वृद्धि हो।
वर्जन:
अवैध होर्डिंग को हटाने के लिए लगातार नगर परिषद अभियान चला रही है। लोगों को होर्डिंग नहीं लगाने के लिए चेतावनी भी दी जा रही है। अब अगर होर्डिंग लगाने वाले अपनी आदत से बाज नहीं आते हैं तो नोटिस व चालान प्रक्रिया भी अमल में लाई जाएगी। -प्रवीण खटक, जेई नगर परिषद, नारनौल