नारनौल। सैनी सभा के पूर्व प्रधान बिशन कुमार के कार्यकाल का लेखा जोखा देने के लिए बुलाई गई आम सभा की बैठक में दो साल से दुकानों का किराया नहीं लेने के मुद्दे को हंगामा हुआ। करीब दो दर्जन कॉलिजियम व आजीवन सदस्यों द्वारा पूर्व प्रधान व महासचिव से जब यह पूछा गया कि सैनी धर्मशाला में नवनिर्मित दुकानों को 46 लाख रुपये पगड़ी लेकर किरायेदार को कब्जा देने के बाद भी दो साल तक किराया आखिर क्यों नहीं लिया गया।
इस दौरान कुछ लोगों ने बिशन कुमार से पहले प्रधान रहे जयप्रकाश सैनी की कार्यशैली पर सवाल उठाया। जिस पर सभा के वर्तमान उपप्रधान मुंशीराम, रामसिंह मधुर व पूर्व प्रधान मोहर सिंह ने कहा कि उन्हें बिशन कुमार से पहले प्रधान रहे जयप्रकाश सैनी से कोई लेना-देना नहीं। वे आज इस बात का खुलासा करें कि पगड़ी लेने के बाद भी दो साल तक किरायानामा क्यों नहीं लिखा और क्यों नहीं लिया गया। इसके बाद पूर्व उपप्रधान रहे ओमप्रकाश ठेकेदार, आजीवन सदस्य सुरेशपाल सैनी, जय सिंह सैनी, धर्मचंद सैनी, पूर्व मीडिया प्रभारी रामचंद्र सैनी, श्रीचंद ठेकेदार, सुखदेव आर्य, सीतराम तोंदवाल, मदनलाल पंच, सतीश कुमार, जगदीश प्रसाद बोहरा, निहाल सिंह, भूप सिंह, कैलाशचंद, मुकेश धौलिया व सुभाष ने पूर्व प्रधान बिशन कुमार व महासचिव का विरोध किया। हंगामे के दौरान ही पूर्व कार्यकारिणी के लोगों ने लेखा जोखा पास करने की बात की तो उपरोक्त लोगों ने इसका विरोध किया और करीब आधे घंटे तक जमकर हंगामा हुआ। हंगामे के बाद बैठक आगे भी नहीं चली। इसी बीच यह भी खुलासा हुआ कि जो दुकान पगड़ी लेकर किराये पर दी गई हैं, उनमें से एक दुकान तत्कालीन महासचिव के सगे भाई और एक दुकान उनके नजदीकी रिश्तेदार को भी दी गई है। परिजनों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ही दो साल तक सभा के पदाधिकारियों ने ना तो किरायेदारों को किरायानामा लिखा। सभा के वर्तमान प्रधान भगवान दास सैनी से कहा कि वे इस मामले में एक जांच कमेटी बनाकर दो साल का लाखों रुपये का किराया वसूल करने की प्रक्रिया शुरू करें। उन्होंने कहा कि वे ना तो किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष में है और ना ही किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ है। सभा का अहित किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा।
सभा की बैठक में पूर्व प्रधान ने कार्यभार सौंप दिया था। पैसे लेकर दुकानों का किराया न लेने का आरोप सही नहीं है। जो लोग बैठक में विरोध कर रहे थे, वे दूसरे गुट से हैं और हाल में हुए चुनाव में उनके गुट को सफलता नहीं मिली थी। यदि कोई शिकायत मिलेगी तो इस पर विचार होगा।
-भगवान दास सैनी, प्रधान सैनी सभा