फोटो 19प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते एचपीटीए के सदस्य।स्रोत प्रवक्ता
नारनौल। हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन के राज्य उपाध्यक्ष सूबे सिंह यादव, जिला अध्यक्ष कृष्ण नंगली व जिला महासचिव डॉ. जसवंत यादव के नेतृत्व में संगठन के शिष्टमंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के नाम ज्ञापन प्रदर्शन कर सौंपा।
हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन जिला वरिष्ठ उप प्रधान सुरेश यादव व जिला सचिव अभय यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने एक सितंबर के आदेश में कहा कि कक्षा एक से आठ तक के शिक्षकों को नौकरी में बने रहने के लिए अनिवार्य रूप से टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) 2 वर्ष के भीतर पास करना होगा।
एनसीटीई की गाइडलाइन के अनुसार वर्ष के 2011 के बाद नियुक्त शिक्षकों को टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट अनिवार्य किया गया था। ये नियम 2011 से पहले भर्ती हुए शिक्षकों पर लागू नहीं था। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश में यह सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। कोर्ट के अनुसार 2 वर्ष के अंदर टीईटी को पास न करने वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी।
कोर्ट ने केवल 5 वर्ष की सेवा अवधि से कम वाले शिक्षकों को टीईटी से छूट दी है। नई पदोन्नति व पूर्व में पदोन्नत हुए शिक्षकों को भी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट पास करना जरूरी होगा। जिला संरक्षक सोमदत्त जांगिड़, व जिला प्रेस सचिव वेद प्रकाश बताया कि हरिओम राठी ने राज्य कार्यकारिणी व अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील पांडे एवं शीर्ष नेतृत्व से विचार विमर्श कर यह निर्णय लिया कि प्रदेश भर में जिला मुख्यालयों पर 15 से 19 सितंबर तक प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपेंगे।
जिला महेंद्रगढ़ में भी प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से सौंपा गया। इस मौके पर जिला प्रवक्ता महेंद्र सिंह यादव, जिला सह-सचिव योगेश नंगली, सचिव महिपाल कालोरिया, सुरजीत यादव खानपुर, नरेंद्र हुडीना, बलजीत खानपुर, सतीश यादव डोहर समेत कई शिक्षक नेता मौजूद रहे।