किसान को दुकानदार द्वारा नकली गाजर के बीज देने की शिकायत पर जिला बागवानी अधिकारी व महेंद्रगढ़ से कृषि वैज्ञानिक शुक्रवार को पीड़ित किसान के खेत ढाणी ठाकरान में पहुंचे और गाजर की खेती की जांच की। जांच करने पर खराब बीज के कारण खराब हुई गाजर की फसल की रिपोर्ट जल्द ही किसान को भेजने व आर्थिक मदद करने का आश्वासन दिया। साथ ही दुकानदार से बीज का रिकार्ड मांगा गया है।
बता दें कि ढाणी ढाकरान के किसान जोरावर सिंह ने अपने खेत में गाजर की फसल की पैदावार करने के लिए 10 सितंबर को नांगल चौधरी के एक बीज विक्रेता से 10 किलोग्राम बीज 700 रुपये किलो के हिसाब से खरीदा था। जिसके लिए बाकायदा बिल भी लिया था। जिसके बाद उसने अपने खेत में गाजर के बीज की बुआई की थी, लेकिन जब फसल तैयार हुई तो गाजर खराब क्वालिटी की निकली। जिससे किसान को अपनी मेहनत के साथ काफी अर्थिक नुकसान हो गया और धोखाधड़ी का शिकार भी बन गया है। किसान ने इसकी शिकायत जिला उद्यान अधिकारी को दी थी। शिकायत पर जिला उद्यान अधिकारी ने किसान से बीज फर्म का ओरिजनल बिल पेश करने को कहा था। शुक्रवार को जिला बागवानी अधिकारी डॉ. प्रेम सिंह अपनी टीम व महेंद्रगढ़ से कृषि वैज्ञानिक के साथ मौके पर गाजर की फसल देखने पहुंचे। जहां उन्होंने गाजर खेत में से उखाड़ कर भी देखा, लेकिन अधिकतर गाजर खराब निकली। जिस पर उन्होंने जल्दी ही रिपोर्ट भेजने की बात कही। जिला बागवानी अधिकारी डॉ. प्रेम सिंह ने बताया कि नांगल चौधरी में एक दुकानदार द्वारा फर्जी बिल पर नकली बीज बेचने की शिकायत मिली थी। जिस पर संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को पीड़ित किसान के खेत में जाकर फसल का निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि जल्दी ही रिपोर्ट तैयार करके किसान को दे दी जाएगी। दुकानदार को नोटिस भेजकर बीज बेचने के बिल व रिकार्ड मांगा गया है। अगर दुकानदार ये सब पेश नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।