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पांच साल में 80 फीसदी बढ़े एचआईवी मरीज

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नारनौल। जिले में हर साल एड्स मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पांच वर्ष में करीब 80 फीसदी एड्स मरीजों की जिले में बढ़ोत्तरी हुई है। साल 2016 में 115 मरीज थे, जो अब 208 हो गए हैं। एड्स से प्रभावितों में सबसे अधिक महिलाएं हैं। एड्स के प्रति लोगों को जागरूक करने लिए जिला स्वास्थ्य विभाग जागरूकता अभियान चला रहा है। इससे युवाओं को इस बीमारी के बारे में जानकारी दी जा सके।
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जिले में एचआईवी मरीजों की संख्या बढ़ना चिंता का विषय है। इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग विशेष जागरूकता अभियान चला रहा है। इसमें स्वास्थ्यकर्मी पीएचसीीएचसी के अलावा गांवों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से इसकी जानकारी दे रहे हैं, जिससे इस बीमारी से युवाओं को बचाया जा सके। इसके साथ ही मोबाइल वैन द्वारा भी इसके बारे में लोगों को जानकारी दी जा रही है। जिले में काफी संख्या में क्रशर व खनन कार्य होने से ट्रक चालक आते हैं। ऐसे में उन्हें भी इसे लेकर जानकारी दी जा रही है।
जिला नोडल अधिकारी डॉ. हर्ष चौहान ने बताया कि टोल फ्री हेल्पलाइन 1097 में पर कोई भी व्यक्ति एड्स के बारे में जानकारी ले सकता है। उन्होंने बताया कि एड्स मुख्य असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई, संक्रमित मां से उसके बच्चे को और संक्रमित रक्त को चढ़ाने से फैलता है। उन्होंने लोगों से अपील की हैं कि बहुत जरूरी हो तो ही रक्त चढ़वाएं। डॉ. हर्ष ने बताया कि एक दिसंबर को एक मोबाइल में रवाना किया गया था, जो जिले के विभिन्न हिस्सों में जाकर एड्स के बारे में जागरूक कर रही है।
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इन केंद्रों पर करवा सकते हैं जांच
जिला नोडल अधिकारी (एड्स) और डिप्टी सीएमओ डॉ. चौहान ने बताया कि जिले में आईसीटीसी केंद्र नागरिक अस्पताल नारनौल, सीएचसी अटेली, उप नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ और सीएचसी कनीना में हैं। इसके एफआईसीटीसी केंद्र जिला क्षय केंद्र नारनौल, सीएचसी नांगल चौधरी, नंगल सिरोही, पीएचसी, सेहलांग, सतनाली, सीहमा और छिलरो में है। इन केंद्रों में कोई भी व्यक्ति अपना एड्स की जांच मुफ्त में करवा सकता है। जिले में एक लिंक्ड एआरटी केंद्र नागरिक अस्पताल नारनौल में है। यहां पर एचआईवी रोगियों को मुफ्त में दवाइयां दी जाती है।
महिलाएं सबसे ज्यादा संक्रमित
एचआईवी मरीजों में सबसे अधिक प्रभावित महिलाएं हैं। साल में 2016 में 50 पुरुष और 63 महिलाएं एड्स की मरीज मिली थी। साल 2017 में 53 पुरुष व 68 महिलाएं, साल 2018 में 60 पुरुष व 70 महिलाएं, साल 2019 में 75 पुरुष व 93 महिलाएं, इस वर्ष 88 पुरुष और 115 महिलाएं शामिल हैं।
जिले में एड्स के मरीज-
साल- कुल मरीज- महिला- पुरुष- बच्चे
2016 -115-50-63-2
2017 -123-53-68-2
2018 -130 -60-70-0
2019 -171-75-93-3
2020 -208 -88-115 -5
एड्स को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है। गर्भधारण करते ही महिलाएं एचआईवी टेस्ट कराएं। यदि किसी के शरीर में कमजोरी, एक महीने से दस्त की शिकायत, कम समय में अधिक वजन घटने और बार-बार बीमार होने की शिकायत है तो भी जांच कराएं। एचआईवी की जांच गुप्त रखी जाती है। एड्स के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
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-डॉ. हर्ष चौहान, जिला नोडल अधिकारी व डिप्टी सीएमओ
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