शोध व नवाचार के क्षेत्र में विश्व स्तर पर जारी प्रयासों को गति प्रदान करने और उसमें भारतीय दर्शन, भारतीय दृष्टि और उसमें भारतीयता के भाव के विकास हेतु हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ और रिसर्च फॉर रिसर्जेंस (आरएफआर) फाउंडेशन, नागपुर मिलकर काम करेंगे। इस संबंध में दोनों ही संस्थानों ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर साझेदारी स्थापित की है। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार और आरएफआर फाउंडेशन की ओर से सचिव राजेंद्र पाठक ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
विश्वविद्यालय व आरएफआर फाउंडेशन के बीच यह समझौता विश्वेश्वरय्या राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्था (वीएनआईटी), नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में हुआ। भारतीय शिक्षण मंडल के संगठन मंत्री मुकुल कानिटकर, आरएफआर फाउंडेशन के निदेशक जनरल डॉ. राजेश बिनिवाले भी उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने बताया कि इस साझेदारी का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच आपसी समन्वय स्थापित कर शोध क्षेत्र में विद्यार्थियों, शिक्षकों की क्षमताओं के विकास हेतु प्रयास करना है। उन्होंने बताया कि इस समझौते के अंतर्गत दोनों ही संस्थान मिलकर संगोष्ठी, कार्यशालाओं, सम्मेलनों के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न सुधारों के स्तर पर काम करेंगे और भारतीयता आधारित शिक्षा व्यवस्था के विकास हेतु कार्य करेंगे। इस समझौता ज्ञापन के अंतर्गत दोनों की संस्थानों के बीच विद्यार्थियों, शोधार्थियों व शिक्षकों के स्थानांतरण कार्यक्रम का भी प्रावधान है।
विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने बताया कि इस समझौता ज्ञापन के माध्यम सें भारतीय शिक्षा व्यवस्था में भारतीय सोच, संस्कृति के योगदान को ध्यान में रखते हुए भविष्य की दिशा निर्धारित करने हेतु काम किया जाएगा। दोनों ही संस्थानों के बीच विभिन्न गतिविधियों के सफलतम संचालन हेतु विशेष रूप समन्वय स्थापित करते हुए सालभर विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों के लिए विभिन्न आयोजन करने की योजना है।