महेंद्रगढ़। आर्य समाज मंदिर में वेद प्रचार मंडल व आर्य समाज महेंद्रगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आर्य समाज महेंद्रगढ़ की यज्ञशाला में उत्तर भारत में भक्त नाम से प्रसिद्ध भक्त फूल सिंह जयंती पर हवन एवं सत्संग का आयोजन डॉ. प्रेमराज आर्य की अध्यक्षता में किया गया। मुख्य यजमान वीर सिंह मेघनवास रहे व पुरोहित की भूमिका आर्य समाज के प्रधान पंडित भूपेंद्र सिंह आर्य ने निभाई।
हवन ब्रह्मा डॉ. विक्रांत डागर ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया की उनका जन्म 24 फरवरी 1885 को हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव माहरा (जुवां) में क्षत्रिय परिवार में हुआ था।
बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि वाले थे। उन्होंने गांव व आसपास के स्कूलों से शिक्षा ग्रहण की और तत्कालीन सरकार में पटवारी लग गए थे। उन्होंने 23 मार्च 1920 को भैंसवाल कलां गुरुकुल की स्थापना की और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को शिक्षित करने का काम किया।
डॉ प्रेमराज आर्य ने बताया कि भक्त ने अपना संपूर्ण जीवन आर्य समाज, गौरक्षा, शिक्षा के प्रसार एवं सनातन धर्म की सेवा में बिता दिया। इस अवसर पर डॉ. आनंद कुमार सुरजनवास, रानी आर्या, महेंद्र दीवान, संजय आर्य, दीपक आर्य, किरोड़ी लाल मौजूद रहे।