फोटो नंबर-32शहर में हमाम गीजर तैयार करते कारीगर। संवाद
नारनौल। ठंड का असर बढ़ते ही शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हमाम गीजर की बिक्री में तेजी आ गई है। पानी गर्म करने का यह देसी जुगाड़ लोगों की पहली पसंद बना है।
बाजार में अब कई स्थानों पर हमाम गीजर बनाया और बेचना शुरू हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह गीजर विशेष रूप से लोकप्रिय है, वहीं शहर में भी जिन घरों में खुली जगह है, वहां इसका खूब प्रयोग किया जा रहा है। नारनौल शहर में करीब 20 स्थानों पर हमाम गीजर तैयार किए जा रहे हैं। लगभग 100 दुकानों पर इनकी बिक्री हो रही है।
पुलिस लाइन के सामने, रेलवे रोड, कोरियावास रोड, नसीबपुर और रेवाड़ी रोड जैसे इलाकों में इनका निर्माण कार्य चल रहा है। बाजार में 35 लीटर क्षमता वाला हमाम गीजर लगभग 800 रुपये में और 50 लीटर वाला 900 रुपये में उपलब्ध है। कम कीमत और आसान संचालन के कारण यह गीजर आम लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
इस हमाम गीजर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें एक बार पानी भरने के बाद घर में उपलब्ध कचरा, लकड़ी, या अन्य ईंधन डालकर केवल दो मिनट में पानी गर्म किया जा सकता है।
ठंडा पानी एक ओर से डालने पर दूसरी ओर से गर्म पानी निकलने लगता है। यह गीजर विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है, क्योंकि इसमें बिजली की आवश्यकता नहीं होती और ईंधन के रूप में कोई भी ज्वलनशील सामग्री काम आ जाती है। लोगों का कहना है कि बढ़ती ठंड में यह किफायती गीजर उनकी जरूरत पूरी करने में मददगार साबित हो रहा है।