महेंद्रगढ़। नाखोन रत्चासिमा राजभट यूनिवर्सिटी (एनआरआरयू), थाइलैंड व हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) अध्ययन-अध्यापन व शोध के क्षेत्र में आपसी साझेदारी के साथ कार्य करेंगे।
इस संबंध में मंगलवार को हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय व नाखोन रत्चासिमा राजभट यूनिवर्सिटी थाइलैंड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। हकेंवि की ओर से कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार तथा एनआरआरयू की ओर से प्रेसिडेंट अडिसोर्न नवानोन्धा ने हस्ताक्षर किए। एनआरआरयू की ओर से विश्वविद्यालय पहुंचे प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने हकेंवि के सदस्यों के साथ विभिन्न स्तरों पर आपसी साझेदारी को लेकर चर्चा की। इसके बाद हिंदी, थाई भाषा के अध्ययन, संकाय संवर्धन कार्यक्रम व स्टूडेंट-टीचर एक्सचेंज प्रोग्राम आदि के स्तर पर मिलकर काम करने की सहमति बनी।
विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने स्वागत भाषण दिया और विश्वविद्यालय की उपलब्धियों व प्रगति से अवगत करवाया। प्रो. टंकेश्वर कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय केंद्र सरकार द्वारा संचालित राज्य का एकमात्र विश्वविद्यालय है। हमारे यहां नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लागू होने के बाद देश-विदेश के शिक्षण संस्थानों के साथ आपसी साझेदारी की भरपूर संभावनाएं उपलब्ध हैं। इसके पश्चात एनआरआरयू के प्रेसिडेंट अडिसोर्न नवानोन्धा ने भी विश्वविद्यालय की ओर से प्रस्तुत प्रस्ताव को दोनों ही संस्थानों के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि अवश्य ही इस दिशा में मिलकर काम करेंगे। दोनों की संस्था प्रमुखों ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करते हुए नियमित गतिविधियों के आयोजन की सहमति दी।
इस दौरान एनआरआरयू के प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से यूनिवर्सिटी काउंसिल के उपाध्यक्ष अरनट जैसमरम डीन, फैकेल्टी ऑफ ह्यमेनिटीस एंड सोशल साइंसेस, सिरिवाडी विविथखुनाकोर्न डी, एकेडमिक सर्विसेज, मयूरी कंता व्याख्याता, हिंदी भाषा सासासिरी सुवान्नाथिप व कार्यकारी निदेशक, इंटरनेशनल अफेयर्स ऑफिस, डोनलया पेचडी शामिल रहे।