नारनौल। गैस सिलिंडर की किल्लत से जिले के लोग परेशान हैं। एजेंसियों के बाहर सुबह से कतारें लग रही हैं लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी सिर्फ पर्ची मिल रही है, सिलिंडर नहीं। एक सिलिंडर के लिए लोगों को दो-तीन दिन तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। आपूर्ति कम और बुकिंग ज्यादा होने से हजारों ऑर्डर लंबित हैं।
वहीं दूसरी तरफ सिलिंडर नहीं मिलने के कारण लोगों में निराशा और गुस्सा दोनों बने हुए है। लाइन में लगने के दौरान कई बार गैस एजेंसी पर कार्यरत कर्मचारियों और लोगों के बीच विवाद देखने को मिला। इस दौरान पुलिस कर्मी भी एजेंसी पर तैनात रहे और विवाद के दौरान बीच-बचाव करते दिखे।
गत बुधवार को एसडीएम अनिरूद्ध यादव ने निरीक्षण के दौरान एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए थे कि गांवों में सप्लाई शुरू की जाए। गैस एजेंसियों के बाहर लगी लाइनों में सबसे ज्यादा संख्या गांवों के लोगों की है।
लोगों का कहना है कि गत एक सप्ताह से गांवों में सिलिंडर की सप्लाई बंद है, अगर सप्लाई शुरू कर दी जाए तो लोगों को गैस एजेंसी के बाहर लाइन में नहीं लगना पड़े। वहीं गैस एजेंसियों पर कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि गैस एजेंसी पर जो स्टॉक उपलब्ध है, वह एक दिन में ही खत्म हो जाता है।
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आपूर्ति से दस गुणा अधिक लंबित बुकिंग
भारत गैस एजेंसी पर वीरवार तक 3500 लंबित बुकिंग चल रही थी और प्रतिदिन औसतन 400 से 500 नई बुकिंग हो रही है। वहीं एजेंसी के पास केवल 360 सिलिंडर ही पहुंच रहे है। इसके चलते बुकिंग और आपूर्ति के बीच अंतर दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। इससे स्थिति सुधरने के स्थान पर बिगड़ती जा रही है।
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छापेमारी कर 24 घरेलू सिलेंडर किए जब्त
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम ने व्यावसायिक कार्य में घरेलू सिलिंडर के प्रयोग पर कार्रवाई करते हुए जिले भर से 24 घरेलू सिलिंडर जब्त किए। जानकारी के अनुसार नारनौल से 16 व कनीना से 8 घरेलू सिलिंडर जब्त किए गए। होटल, ढाबों, चाय व मिठाई की दुकानों और रेहड़ी पर घरेलू सिलिंडर के प्रयोग करने पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और गत 6 दिनों में जिले भर से कुल 105 घरेलू सिलिंडर जब्त किए गए है।
बॉक्सजिला प्रशासन की ओर से दावे किए जा रहे हैं कि सिलिंडर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है लेकिन बुकिंग करवाए हुए 5 दिन हो चुके हैं और अब तक सिलिंडर नहीं मिला। एजेंसी वाले कह रहे हैं कि स्टॉक उपलब्ध नहीं है।
-राजाराम लांबा, गांव चिंडालिया
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एजेंसियों की ओर से गांवों में सप्लाई शुरू नहीं की जा रही है। अगर गांवों में सप्लाई शुरू हो जाए तो लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। -सुनील कुमार, गांव सराय बहादुर