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भावी पंच, सरपंचों व पंचायती राज के उम्मीदवारों को दिया जाएगा नि:शुल्क प्रशिक्षण: राधेश्याम गोमला

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पत्रकारों के बातचीत करते समाजसेवी राधेश्याम गोमला व मंच के सदस्य। - फोटो : Narnol
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पंच, सरपंच बनने से पहले हर उम्मीद्वार को पंचायती राज विषय की जानकारी और प्रशिक्षण लेना चाहिए। इससे गांव के विकास और स्वयं की नैतिकता की वृद्धि होती है। पंचायती राज विशेषज्ञ, प्रशिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम गोमला ने पत्रकार वार्ता में यह विचार रखे। उन्होंने कहा कि चार जनवरी 2022 से महेंद्रगढ़ के पाली गांव से इस प्रकार के शिविर का शुभारंभ किया जाएगा। शिविर में पूर्णतया निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। पात्र का कम से कम दसवीं पास होना आवश्यक है। प्रतिभागियों को बाद में प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। सरपंच बनने वाला व्यक्ति जब यहीं नहीं जानता कि सरपंच पद के अधिकार, कर्तव्य और गरिमा क्या हैं? तो वह कैसे सही काम कर सकता है।
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जानकारी के अभाव में तो उसे दूसरों के हाथ की कठपुतली ही बनकर रहना पड़ेगा। इसलिए पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य या जिला पार्षद बनने से पहले सभी उम्मीद्वार पंचायती राज विषय को अवश्य जानें। मात्र चौधर और भ्रष्टाचार करने के लिए यदि सरपंच बना जाए तो यह गांव और स्वयं के लिए गलत है। यह सोचने का विषय है कि अब तक जितनी भी सरकारें बनीं, हर सरकार ने ग्रामीण विकास के लिए बेहतर कदम उठाए और हर गांव को खूब राशि भी दी, मगर अभी तक गांव पूर्ण विकसित क्यों नहीं हो पाए? इसका एक सबसे बडा कारण है सरपंचों को जानकारी का अभाव।
उन्होंने कि देशभर में पंचायत-राज और ग्रामीण विकास की जितनी योजनाएं बनती हैं उनका प्रारूप उच्चतम शिक्षा प्राप्त आईएएस स्तर के अधिकारी तैयार करते हैं जिन्हें सरकारें स्वीकृति देती हैं लेकिन उच्चतम शिक्षा प्राप्त अधिकारियों द्वारा बनाए नीति नियमों को क्रियान्वित कई बार वह सरपंच करता है जो इस विषय का क, ख, ग भी नहीं जानता, तो ऐसे में योजना का दुरुपयोग होना तो स्वाभाविक ही है। इन्ही बातों को ध्यान में रखकर उन्होंने निर्णय लिया है कि सिंघानिया विश्वविद्यालय के साथ मिलकर उन सब संभावित उम्मीद्वारों को निशुल्क प्रशिक्षित दिया जाए जो भविष्य में उम्मीद्वार हैं या पंचायती राज में किसी प्रकार की रुचि रखते हैं।
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इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर जगह जगह लगाने के लिए उपमंडल स्तर पर जिम्मेदारियां दी गई हैं। उपमंडल की जिम्मेदारी पूर्व पंचायत समिति अध्यक्ष सूरत सिंह यादव संभालेंगे। इसका प्रथम प्रशिक्षण शिविर चार जनवरी को गांव पाली में लगाया जाएगा। इस अवसर पर पंचायत समिति के पूर्व अध्यक्ष रमेश खिच्ची, पूर्व जिला पार्षद राजकुमार खातोद, सामाजिक कार्यकर्ता विनोद पाली, पूर्व पंचायत समिति सदस्य संजीव तंवर, डॉ. रामपाल, अनिल कुमार, पूर्व ब्राह्मण सभा अध्यक्ष भवानी शर्मा, अजीत सरपंच, महेश शर्मा पाली, जोगेंद्र उन्हानी, सीताराम सिसोठ और धर्मसिंह सरपंच खायरा उपस्थित रहे।
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