अरावली क्षेत्र में अतिक्रमण कर मकान बनाने वालों पर वन विभाग जल्द ही कार्रवाई करेगा।
इसके लिए जिला वन अधिकारी ने नांगल चौधरी का दौरा भी किया था। इस दौरान कुछ जगहों पर अतिक्रमण कर मकान का निर्माण किया जा रहा था। जिन्हें निर्माण नहीं करने के लिए पाबंद किया गया। वहीं जिन लोगों ने अरावली क्षेत्र की जमीन में अतिक्रमण कर मकान बना लिए हैं, ऐसे मकानों को जल्द ही चिह्नित किया जाएगा।
इसके बाद नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लेकिन अब सवाल यह भी उठता है कि इतने दिन तक वन विभाग अधिकारी कहा थे। ऐसा नहीं हैं की एक या दो दिन में ही मकान का निर्माण हुआ है, इसमें कई माह लगे होंगे, लेकिन इसके बाद भी अवैध रूप से मकान बनाने वालों पर विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। बता दें कि अरावली पहाड़ी दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में फैली हुई हैं। अरावली पहाड़ियों की लंबाई करीब 692 किलोमीटर है, वहीं इसकी औसत ऊंचाई करीब 930 मीटर है।
पांचनौता, मुसनौता, नांगल दर्गू में भी बने हैं अवैध रूप से मकान
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पांचनौता, मुसनौता, बायल और नांगल दर्गू में कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर मकान बना लिए हैं। जब बीते दिनों वन अधिकारी ने नांगल चौधरी का दौरा किया था तो उन्होंने ऐसे लोगों को चिन्हित कर नोटिस देने की बात कही थी। इसके अलावा भी ऐसे गांवों को चिन्हित किया जाएगा जहां अतिक्रमण किया गया है।
मकान बने काफी दिन बीते, विभाग को अतिक्रमण का चला अब पता
निजामपुर-नांगल चौधरी रोड पर कुछ जगहों पर काफी दिन मकान बने हो गया है। इस मार्ग से वन विभाग के अधिकारी भी आवागमन करते होंगे, लेकिन अब विभाग को पता चला कि कुछ गांवों में अतिक्रमण हो गया है। जिसके बाद नोटिस देने की बात कही जा रही है।
जिले में 17706.6 हेक्टेयर में फैला हुआ अरावली क्षेत्र
जिला महेंद्रगढ़ में कुल 17706.7 हेक्टेयर अरावली पहाड़ी क्षेत्र है। इस अरावली क्षेत्र में खनिज संपदाओं का भंडार मौजूद है। इसमें लौह अयस्क से लेकर तांबा तक हाेने की बात कही जा रही है। लेकिन इसके बाद भी वन विभाग द्वारा लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण को रोकने में कामयाब नहीं रहा है। जिसकी वजह से अब विभाग को नोटिस तक देने की नौबत आ गई है।
अरावली क्षेत्र में अवैध रूप से बने मकानों को जल्द ही चिन्हित कर नोटिस दिया जाएगा। वहीं जो अभी निर्माण कर रहे थे, उन्हें रोक दिया है। वहीं जिन मकानों का निर्माण कार्य पूरा हो गया है, ऐसे घरों को चिन्हित कर नोटिस दिया जाएगा।
राजकुमार, जिला वन अधिकारी महेंद्रगढ़।