फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahendragarh-Narnaul News: अफवाह के चलते सैकड़ों लोग बिजली बिल में रियायत लेने पहुंचे लोक अदालत

विज्ञापन
फोटो नंबर- 20लोक अदालत के दौरान अपनी बारी का इंतजार करते लोग। संवाद - फोटो : 1
विज्ञापन
नारनौल। लोक अदालत में अन्य मामलों के साथ बिजली बिल के लंबित मामलों का समाधान होना था लेकिन अफवाह के चलते सैकड़ों की तदाद में वो लोग भी बिजली बिल कम कराने पहुंच गए जिनका मामला अदालत में था ही नहीं। इसके बाद उन्हें समझाकर वापस भेज दिया गया।
विज्ञापन

उन लोगों ने बताया कि एक विडियो देखी थी जिसमें बताया गया था कि लोक अदालत में बिजली बिल में बढ़ोतरी संबंधित समस्या का समाधान भी किया जाएगा। वहीं हेल्प डेस्क पर नियुक्त अधिवक्ता गिरीबाला ने बताया कि लोक अदालत में चालान सहित अन्य भुगतान संबंधित लंबित मामलों का ही निपटान किया जाता है।
नारनौल, महेन्द्रगढ़ व कनीना में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी व सचिव नीलम कुमारी ने बताया कि लोक अदालत में वाहन दुर्घटना मुआवजा केस, वैवाहिक मामले, वाहन चालान, जमीन अधिग्रहण मुआवजा, बैंक ऋण, बच्चों व पत्नी के लिए भरण-पोषण, चैक बाउंस, साइबर क्राइम व राजीनामा योग्य फौजदारी मामलों को रखा गया।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि लोक अदालत में कुल 67033 केस निपटारे के लिए रखें गए जिसमें से 62062 केसों का फैसला किया गया। जिन केसों का निपटान किया गया उन मामलों में कुल 1,11,82,183 रुपये का भुगतान मौके पर ही किया गया।
बॉक्स
मेरा हेलमेट न लगाने पर
1 हजार रुपये का चालान था। लोक अदालत में मेरे मामले की सुनवाई हुई जिसमें 1 हजार रुपये जुर्माना भरने का निर्देश दिया और मुझे कोई रियायत नहीं मिली। मैनें कोर्ट के निर्देशानुसार 1 हजार रुपये का जुर्माना भरा। -रमेश निवासी मोहल्ला जमालपुर
बॉक्स
करीब 4 माह पहले मेरे कर्मचारी ने किसी काम के लिए बाइक मांगी थी। वापस लौटते समय पुलिस ने उसका ड्रिंक एंड ड्राइव का 10 हजार रुपये का चालान कर दिया था। साथ ही, बाइक को भी इंपाउंड कर दिया था। लोक अदालत में मुझे कोई रियायत नहीं मिली जिसके बाद मुझे 10 हजार रुपये का चालान भरना पड़ा। -मनीष निवासी अटेली
बॉक्स
मैनें लोगों से सुना था कि लोक अदालत में बिजली के बिल में भी रियायत की जा रही है। जिस कारण करीब 25 किमी दूर से न्यायलय पहुंचा था लेकिन जब यहां पहुंचा तो पता चला की पहले से लंबित मामलों का निपटान किया जा रहा है। इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।-श्योराम निवासी नांगल नूनिया
बॉक्स
मुझे सूचना मिली थी कि एक महिला का बिजली बिल लोक अदालत में कम हो गया था। जिस कारण मैं भी गांव के अन्य लोगों के साथ पहुंचा था। यहां आकर पता चला की जिन लोगों के मामले अदालत में लंबित है। उन्हीं की सुनवाई की जा रही है।-गोपीचंद निवासी गांव नांगल नूनिया
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें