नारनौल। खल-बिनौलों की दुकान में पांच पल्लेदार सो रहे थे। इस दौरान अज्ञात कारणों से आग लगने से अंदर सो रहे पांच पल्लेदारों में से दो बाहर निकल गए। वह दुकान में आग लगने की सूचना मालिक को देने के लिए उनके घर चले गए। वहीं तीन पल्लेदार अंदर फंसे रह गए, जिसकी वजह से दो की दम घुटने से मौके पर ही मौत हो गई।
आदमी अपने परिवार का लालन पोषण करने के लिए हजारों किलोमीटर दूर पहुंच जाता है, लेकिन उसे क्या पता कि वहां एक दिन एक वक्त की रोटी के चक्कर में किसी हादसे का शिकार हो जाएगा। ऐसा ही कुछ नारनौल की अनाज मंडी में हुए हादसे में मृतकों के साथ हुआ है। बिहार के बेगूसराय जिले के गांव बदीया गांव के दुखीराम का शव अभी अस्पताल में रखा हुआ है। मृतक के परिजन अभी नारनौल नहीं पहुंचे है उनके शुक्रवार को पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में शुक्रवार को ही मृतक का पोस्टमार्टम किया जा सकेगा। वहीं दूसरी तरफ कोटपुतली के गांव जीणगोर निवासी कुलदीप अपनी बीवी बच्चों से दूर नारनौल में दो वक्त की रोटी के लिए मजदूरी करने के लिए आया था। कुलदीप की शादी हो चुकी है और एक लड़की है। इसके अलावा मुसनौता निवासी महेश की भी गंभीर हालात बनी हुई है। उनका रोहतक पीजीआई में उपचार चल रहा है। टनास्थल का निरीक्षण करने एसपी दीपक सहारन, डीएसपी हरदीप सिंह, सिटी एसएचओ व अन्य अधिकारी पहुंचे।
पीड़ित परिवार के प्रति जताई संवेदना : मंत्री ओमप्रकाश यादव
नारनौल अनाज मंडी में हुई आगजनी घटना में पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना है। इस संकट की घड़ी में सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। सरकार की तरफ से जो भी मदद होगी, वह पीड़ित परिवार को दी जाएगी।
दुकान में 25 लाख रुपये का जला सामान : चंद्रशेखर
आग के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। दुकान के अंदर लाखाें रुपये का सामान रखा हुआ था। करीब 25 लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया। उसे आग की सूचना दुकान में सो रहे दो पल्लेदारों ने दी। जिसके बाद दमकल केंद्र को जानकारी दी।
पुलिस सभी पहलुओं से कर रही जांच: डीएसपी
डीएसपी हरदीप सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिलने पर रात को ही पहुंच गई थी। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।