नारनौल। बिजली चोरी के खिलाफ इस बार बिजली निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी नहीं, सीधी कार्रवाई की नीति पर काम किया। वर्ष 2025 में बिजली चोरी के 1604 मामले पकड़े गए जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। सख्ती से न केवल बिजली चोरी पर लगाम लगी है बल्कि लाइन लॉस में कमी आने के साथ बिजली व्यवस्था भी पहले से अधिक सुदृढ़ हुई है।
निगम आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में बिजली चोरी के 1513 मामले सामने आए थे जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 1604 हो गई। इससे स्पष्ट है कि इस बार निगम की टीमें पहले से कहीं अधिक सक्रिय रहीं।
एक अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 के बीच बिजली चोरी के मामलों में 410.13 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया जिसमें से 280.13 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है। यानी करीब 68.30 प्रतिशत रिकवरी हो चुकी है।
बिजली आज आमजन की मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है लेकिन कुछ लोग अवैध कनेक्शन, मीटर से छेड़छाड़ और सीधी तार डालकर बिजली चोरी कर रहे हैं।
इससे न केवल निगम को आर्थिक नुकसान होता है बल्कि ईमानदार उपभोक्ताओं को अघोषित कटों और बार-बार फाल्ट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए निगम ने विशेष जांच टीमें गठित कर सघन छापेमारी अभियान चलाया।
अप्रैल से दिसंबर 2025 तक नारनौल डिविजन बिजली चोरी पकड़ने में सबसे आगे रहा। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सघन छापेमारी के दौरान यहां 1242 मामलों का खुलासा हुआ।
इसके विपरीत महेंद्रगढ़ डिविजन में केवल 362 मामले सामने आए, जिसे लेकर अधिकारियों ने संबंधित टीमों को और अधिक सक्रिय अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
निगम की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 1604 मामलों में से 1542 मामलों में एफआईआर दर्ज करवाई गई। ये वे उपभोक्ता थे जिन्होंने जुर्माना जमा नहीं किया या नोटिस के बावजूद नियमों की अनदेखी की।
वर्जन:
वर्ष 2025 में चलाए गए अभियान सबसे अधिक मामले पकड़े गए हैं। आमजन बिजली चोरी से दूर रहें और कहीं भी चोरी की जानकारी मिलने पर निगम को सूचित करें।-जोगेंद्र सिंह हुड्डा, अधीक्षण अभियंता बिजली निगम, नारनौल